मलिहाबाद। 20 अगस्त से लापता मलिहाबाद के टेकरी खुर्द निवासी कैब चालक सर्वेश (35) की तीन बैंक कर्मियों ने लूट के इरादे से हत्या की थी। शनिवार को पुलिस को सर्वेश का कंकाल बाराबंकी के देवा में माती पुल के नीचे मिला। मलिहाबाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुरेंद्र सिंह भाटी के मुताबिक सर्वेश के पिता रामदास ने बेटे की पहचान गले में पहने लॉकेट, हाथ में पहने धागे और कपड़ों से की है। 20 अगस्त को लापता सर्वेश का मोबाइल भी गायब था। पुलिस ने उनका मोबाइल सर्विलांस पर लगाया था। शनिवार को तीनों आरोपियों ने सर्वेश का मोबाइल में नया सिम डाल कर चालू किया था। इससे आरोपियों की लोकेशन मिल गई और पुलिस ने रविवार को उन्हें हिरासत में ले लिया। आरोपियों की निशानदेही पर सर्वेश का कंकाल बाराबंकी और मलिहाबाद पुलिस ने बरामद कर लिया।
गोली मारकर की हत्या
इंस्पेक्टर ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने शराब के नशे में लूट के इरादे से गोली मारकर हत्या कर शव माती पुल के नीचे फेंकने की बात बताई है। फिलहाल अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बाराबंकी पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सर्वेश के परिवार में पत्नी सुषमा, बेटा अखिल, निखिल व बेटी अवनी है।
इंदिरा डैम के पास से बंद हुआ था मोबाइल
20 अगस्त को दोपहर तीन बजे चार बैंक कर्मियों ने हजरतगंज से इंदिरा डैम के लिए बुकिंग कराई थी। वहां पहुंचने के बाद सर्वेश का फोन स्विच ऑफ हो गया था। घर न लौटने पर पिता रामदास ने 21 अगस्त को मलिहाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस को 22 अगस्त को चिनहट के देवा रोड पर सर्वेश की कार सुनसान जगह खड़ी मिली थी। कार की पिछली सीट पर खून की छीटें और चप्पल मिली थी। वहीं सर्वेश का मोबाइल गायब था।