इसके पहले अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की रणनीति अनावश्यक मुद्दों में जनता को उलझाने की है। वह संविधान के विरुद्ध साजिश रच रही है। भाजपा कुटिलता से लोगों को गुमराह करने में लगी हुई है, लेकिन अब उसके दिन गिने-चुने रह गए हैं। भाजपा सरकार के अन्याय को बर्दाश्त करने के लिए जनता तैयार नहीं है।
अखिलेश मंगलवार को सपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून से पूरे देश को आंदोलित कर दिया है। छात्र-छात्राओं की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस का प्रयोग किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार करने में कोई संकोच नहीं करता है। भाजपा अपनी राजनीति सत्ता के दबाव व धमकी के सहारे करना चाहती है। राष्ट्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दमनकारी नीतियों के चलते स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों की भी अवमानना करने में भाजपा को हिचक नहीं। यह कैसा राष्ट्रवाद है?
अखिलेश ने कहा, बिजनौर में सीजेएम कोर्ट में दिनदहाड़े गोली चल गई और एक अभियुक्त मारा गया। खुद मजिस्ट्रेट बाल-बाल बचे हैं। कानून-व्यवस्था की इससे खतरनाक स्थिति और क्या हो सकती है? क्या इसके लिए मुख्यमंत्री के पास कोई जवाब है?
उन्होंने कहा, जबसे भाजपा सरकार बनी है, निर्दोषों का उत्पीड़न किया जा रहा है। थानों में पीड़ित की सुनवाई नहीं होती है। अल्पसंख्यकों की तरह ही किसानों, गरीबों, नौजवानों और महिलाओं को भी उत्पीड़न का शिकार बनाया जाता है।