राजे बाजपेयी की तस्वीर
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आर्थिक सुरक्षा के लक्ष्य से मिली कामयाबी
लखीमपुर खीरी की दिव्या गोयल ने बताया कि माता-पिता और गुरुओं की प्रेरणा ने हमेशा प्रेरित किया। मूलरूप से लखीमपुर खीरी निवासी पिता बॉबी गोयल कारोबारी हैं और मां मंजू गृहिणी हैं। 11वीं की पढ़ाई के दौरान अकाउंट्स के शिक्षक और पापा ने इस क्षेत्र में जाने के लिए हौसला बढ़ाया। हमेशा सोचा कि सीए बन जाउंगी तो जीवन में आर्थिक सुरक्षा आएगी। माता-पिता की खुशी के लिए कुछ कर सकूंगी। कॉर्पोरेट जॉब में जाना है।
जिद ठान लिया था कि बनना है सीए
लखनऊ के राजे बाजपेयी ने बताया कि अपने पहले प्रयास में ही सीए परीक्षा में कामयाबी हासिल किया है। लखनऊ निवासी अनिल बाजपेयी बिजनेसमैन हैं और मां पूनम बाजपेयी गृहिणी हैं। दोनों ने हमेशा हर कदम पर सपोर्ट किया। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है।
अकाउंट्स के एक शिक्षक ने एक बार यूं ही कह दिया कि सीए बड़ी चीज है, तुम्हारे बस की बात नहीं। उनकी बात दिल में घर कर गई और ठान लिया कि सीए बन कर दिखाना है। हठ और धैर्य, ये दोनों मेरे साथी रहे। आखिरकार कामयाबी मिली। फिलहाल काॅर्पोरेट जाॅब में जाना है इसके बाद खुद की प्रैक्टिस करनी है।