लखनऊ। भीषण गर्मी का असर अब राजधानी के बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। लोगों की दिन में घरों से कम आवाजाही ने कारोबार की रफ्तार तोड़ दी है। हमेशा ग्राहकों की भीड़ से गुलजार रहने वाले अमीनाबाद, नजीराबाद, भूतनाथ, इंदिरानगर और चौक जैसे प्रमुख बाजार दिन में सूने नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि कारोबार महज 25 से 30 फीसदी तक सिमट गया है।
व्यापारियों का कहना है कि शाम पांच-छह बजे के बाद कुछ ग्राहक बाजार पहुंचते हैं, लेकिन उससे भी कारोबार को खास राहत नहीं मिल पा रही। कपड़ा, किराना, सराफा और स्पोर्ट्स सामान समेत लगभग हर सेक्टर के कारोबारी नुकसान झेल रहे हैं। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकान बंद करने का समय भी बढ़ा दिया है। वहीं, लगातार हो रही बिजली कटौती से व्यापारियों की परेशानी और बढ़ गई है।
व्यापारियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
नजीराबाद में चिकनकारी के कपड़ों के व्यापारी और अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने बताया कि पहले जहां रोजाना 50 से 60 हजार रुपये तक की बिक्री हो जाती थी, वहीं अब यह घटकर 10 से 15 हजार रुपये तक रह गई है। उनका कहना है कि इतनी कम बिक्री में दुकानों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
दुकान खोलना मजबूरी बन गया
नजीराबाद रोड पर स्पोर्ट्स वियर और एसेसरीज की दुकान चलाने वाले राम गुप्ता ने बताया कि महंगाई के बीच ग्राहकों की कमी ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। शाम को कुछ ग्राहक आते हैं, लेकिन उससे कारोबार संभल नहीं पा रहा। पंखा, एसी और बिजली का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है। हर दिन 70 से 80 फीसदी तक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
बकरीद से उम्मीद, लेकिन बाजार अब भी सूना
भूतनाथ मार्केट के कपड़ा व्यापारी देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि बीते एक सप्ताह से बाजार में सन्नाटा पसरा है। व्यापारियों को बकरीद से कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच रहे। उन्होंने बताया कि शाम को थोड़ी रौनक बढ़ती है, इसलिए दुकानों के बंद होने का समय भी एक घंटा बढ़ा दिया गया है। अब दुकानें रात नौ बजे की बजाय दस बजे बंद की जा रही हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन कारोबार ने पहले ही व्यापारियों को कमजोर कर दिया था, अब गर्मी ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
सराफा कारोबार भी सन्नाटा
अमीनाबाद सराफा बाजार के व्यापारी और लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्रनाथ रस्तोगी ने बताया कि सराफा बाजार में भी इस समय पूरी तरह सन्नाटा है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में लोग घूमने बाहर चले जाते हैं, मलमास का असर भी बाजार पर पड़ा है और भीषण गर्मी ने ग्राहकों की संख्या और घटा दी है। रात में लोग गहनों की खरीदारी से भी बच रहे हैं। शादियों से पहले मिलने वाले चांदी के गिफ्टिंग आइटम के ऑर्डर भी अब लगभग बंद हो गए हैं। फिलहाल सराफा बाजार में सिर्फ 15 से 20 फीसदी कारोबार ही बचा है।
दुकानों में खाली बैठे दुकानदार।
दुकानों में खाली बैठे दुकानदार।
दुकानों में खाली बैठे दुकानदार।