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तीन माह से खड़ी पांच करोड़ की चार सिटी बसें, एक इलेक्ट्रिक एसी बस की कीमत 1.25 करोड़ रुपये

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नगरीय परिवहन निदेशालय लगभग डेढ़ साल से नई एसी सिटी बसाें में नागरिकों को सफर कराने का सब्जबाग दिखा रहा था। मगर, जब मॉडल के रूप में सिटी बसें आईं तो फर्राटा भरने की नौबत नहीं आ रही है। मॉडल के तौर पर आने वाली चार सिटी बसें दुबग्गा डिपो के परिसर में लगभग तीन माह से खड़ी हैं। एक बस की कीमत 1.25 करोड़ रुपये है।
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डिपो के कर्मियों ने बताया कि ये नई बसें अप्रैल में आई थीं, तब से खड़ी हैं। जब इनके संचालन के बाद सकारात्मक रिपोर्ट आएगी तब कंपनी अगले छह माह में 96 अन्य सिटी बसें लेकर आएगी।
जब 30 दिन चलेगी, तब आएगी दूसरी
कंपनी की चार एसी सिटी बसें जब 30 दिन तक चलेंगी, इसके बाद एक्सपर्ट कमेटी इन बसों का नये सिरे से मौका मुआयना करेगी। इस दौरान कोई तकनीकी एवं सुरक्षा खामी नहीं मिलेगी तो कंपनी को अगली 96 सिटी बसों को लेकर आने का आदेश दिया जाएगा। यह बसें कब से चल पाएंगी, इसका किसी के पास सही जवाब नहीं है।
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तीन माह से नहीं मिला वेतन
कर्मचारी नेता राजकमल सिंह एवं आदित्य कुमार यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि सिटी बस के कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इनमें नियमित एवं पीआरडी के परिचालक शामिल हैं। इन्होंने कहा जब तीन-तीन माह वेतन नहीं मिलेगा तो उनके परिवार कैसे गुजर-बसर करेेंगे। उधर, कंपनी के एमडी पीके बोस ने कहा कि इस मामले को शनिवार को ही निदेशालय स्तर पर उठाया गया है। शासन से जब रकम आएगी तब ही वेतन का वितरण होगा।
कंपनी ने पूरी नहीं की कुछ औपचारिकताएं
राजधानी में 100 सिटी बसों का संचालन करने वाली पीएमआई कंपनी के द्वारा कुछ फाइनेंस संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई हैं। जिसके कारण दुबग्गा डिपो में लगभग तीन माह से नई बसें खड़ी हैं। फिलहाल इन सिटी बसों का संचालन कराने की कार्रवाई चल रही है।
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- अजीत सिंह, संयुक्त निदेशक नगरीय परिवहन निदेशालय
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