लखनऊ। इंदिरानगर के चांदन गांव की पॉम पैराडाइज टाइटल कॉलोनी में अवैध रूप से बनाए गए पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स पर मंगलवार को एलडीए का बुलडोजर चला। यहां 24 दुकानें और 10 फ्लैट बनाए गए हैं। टीम ने आधा कॉम्प्लेक्स तोड़ दिया। इस दौरान विरोध का भी सामना करना पड़ा। उन 88 मकानों को नहीं तोड़ा गया, जिनका उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश है।
चर्चा है कि कॉलोनी में मकान और कॉम्प्लेक्स का निर्माण तब भी होता रहा, जब मंडलायुक्त के यहां अवैध निर्माण के खिलाफ सुनवाई चल रही थी। इंजीनियरों पर कार्रवाई के बाद ने अवैध कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई शुरू की। टीम का उन लोगों ने विरोध जताया, जिनके पास स्थगन आदेश था। इस पर जोनल अभियंता रविनंदन सिंह ने बताया कि जिनके पास आदेश है, उनके निर्माण नहीं तोड़े जाएंगे। इसके बाद लोग शांत हुए।
यहां भी हुई कार्रवाई
जोनल अधिकारी वंदना पांडेय ने बताया कि संतोष कुमार रावत व एसकॉन इंफ्रा डेवलपर्स सरोजनीनगर के ग्राम-अमौसी में टीएस मिश्रा अस्पताल के पीछे 10 बीघे में अवैध कॉलोनी विकसित कर रहे थे। इसे ध्वस्त कराया गया। जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि विनय, भोलानाथ मिश्रा, केके द्विवेदी आदि मोहनलालगंज के पूरनपुर में किसान पथ के किनारे आठ बीघे में अवैध प्लॉटिंग कर रहे थे। बृजेश यादव व अन्य इसके पास सात बीघे में प्लॉटिंग कर रहे थे। इन्हें ध्वस्त कराया गया।
पांच अवैध निर्माण सील
जोनल अधिकारी अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि जोन दो में पांच अवैध निर्माण सील किए गए हैं। इनमें नगराम रोड पर तीन और मोहनलालगंज के मुरूई बाजार और साउथ सिटी में एक-एक निर्माण शामिल रहा।