आपको बता दें कि सुबोध बुलंदशहर में हुई हिंसा में भीड़ के हमले का शिकार हो गए थे। हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जा चुका है। हिंसा में मृतक सुमित कुमार सहित 28 को नामजद और 60 पर केस दर्ज किया गया है।
मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि मुख्य आरोपी बजरंग दल का जिला संयोजक योगेश राज फरार है। यूपी डीजीपी ने कहा कि पूरा मामला एक साजिश नजर आ रहा है। आखिर क्यों और कैसे गोवंश के अवशेष वहां लाए गए थे। इसकी जांच की जा रही है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजकर चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
1. 50 लाख रुपये की मदद की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।
2. सुबोध के परिवार पर बकाया 30 लाख रुपये के होम लोन को सरकार चुकाएगी।
3. परिवार के राज्य सरकार की तरफ से असाधारण पेंशन मिलेगी।
4. एटा के जैथरा कुरावली सड़क का नामकरण शहीद सुबोध सिंह के नाम पर किया जाएगा।
5. सुबोध के बच्चों की सिविल सर्विस कोचिंग में सरकार मदद करेगी। (शहीद के बेटे ने कहा था कि उसके पिता चाहते थे कि वह आईपीएस बने। इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार सिविल सर्विसेज की कोचिंग के लिए उसके बच्चों की मदद करेगी।)