समाजवादी पार्टी के पुराने दिग्गज नेता बुक्कल नवाब ने शनिवार को पार्टी छोड़ दी साथ ही विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने कहा, मैं एक साल से सपा में घुटन महसूस कर रहा था। कहा कि 1 साल से हमें परेशान किया जा रहा है लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हमारा हाल तक नहीं पूछा। इसके अलावा हमारे काम के लोगो को जुमा अलविदा के दिन लाठी चार्ज करवाई। इन सब बातों से आहत होकर मैंने विधान परिषद सदस्य से इस्तीफा दे दिया है।
बुक्कल नवाब ने कहा, इसे समाजवादी पार्टी नहीं बल्कि समाजवादी अखाड़ा कहना चाहिए। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर बनाने की वकालत एक बार फिर से की। कहा कि राम मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या पाकिस्तान में बनेगा?
बुक्कल ने पार्टी छोड़ने के साथ भाजपा में शामिल होने का इशारा भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री ने सबका साथ सबका विश्वास का नारा दिया है। अगर कोई अच्छा काम कर रहा है तो उसके साथ जाने में क्या में कोई बुराई नहीं।
वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य से जब बुक्कल के इस्तीफे के बारे में बात की गई तो उन्होंने खुशी जाहिर की। कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ सिंह से उनके इस्तीफे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये बात अखिलेश बेहतर बता सकते हैं।