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Lucknow News: बजट बहा... कठौता में गाद जमी रही

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गोमतीनगर ​स्थित कठौता झील।
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प्रवेंद्र गुप्ता
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लखनऊ। इंदिरानगर और गोमतीनगर की करीब पांच लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने वाली कठौता झील की सफाई बजट जारी होने के डेढ़ साल बाद भी नहीं हो सकी है। झील में बालू और मिट्टी जमा होने से पानी की भंडारण क्षमता घट गई है। शारदा सहायक नहर बंद होने पर इसका सीधा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ रहा है।
गोमतीनगर स्थित तीसरे जलकल को कठौता झील से पानी मिलता है। झील में शारदा सहायक नहर से पानी आता है, जिसमें बालू-मिट्टी भी पहुंचती है। करीब 17 फीट गहरी झील में लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण करीब 6.50 लाख क्यूबिक मीटर बालू-मिट्टी जमा होने का अनुमान है। इससे झील की क्षमता प्रभावित हुई है।
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शारदा सहायक नहर की साल में दो बार करीब एक-एक महीने के लिए मरम्मत के चलते पानी की आपूर्ति बंद रहती है। इस दौरान इंदिरानगर और गोमतीनगर में झील में जमा पानी से आपूर्ति की जाती है। पूरी क्षमता पर झील में इतना पानी जमा हो सकता है कि करीब 28 दिन तक आपूर्ति हो सके। लेकिन गाद जमा होने से अब कम पानी स्टोर हो पाता है। नहर बंद होने पर नलकूप चलाने के बावजूद कई इलाकों में पानी की किल्लत बनी रहती है।
बिना टेंडर सफाई पर उठा था विवाद
पिछले साल झील की सफाई शुरू कराई गई थी लेकिन बिना टेंडर काम कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया और काम बंद कर दिया गया। उस समय जलकल का कहना था कि सफाई करने वाली संस्था कोई भुगतान नहीं लेगी और झील से निकलने वाली मिट्टी ले जाएगी।
जलकल विभाग ने जल निगम से 2.53 करोड़ रुपये वापस मांगे
झील की सफाई का काम अवस्थापना निधि से करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से होना है। इसका जिम्मा जल निगम नगरीय की निर्माण खंड हरदोई इकाई को दिया गया है। अप्रैल 2025 में पहली किस्त के तौर पर 2.53 करोड़ रुपये जारी किए गए थे लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। जलकल ने जल निगम को पत्र भेजकर राशि वापस करने को कहा है। पत्र में अवस्थापना समिति की ओर से काम निरस्त किए जाने का हवाला दिया गया है।
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कोट
टेंडर फाइनल होते ही शुरू होगा काम
करीब डेढ़ वर्ष पहले जल निगम को बजट दिया गया था लेकिन अब तक टेंडर फाइनल नहीं हुआ है। सरकारी बजट की उपयोगिता का प्रमाणपत्र देना होता है। नहीं भेजने पर आगे की ग्रांट रुक जाती है। इस संबंध में जल निगम को नोटिस दिया गया है। टेंडर फाइनल होते ही काम कराया जाएगा। शासन को जानकारी भेज दी गई है।
-कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, जलकल
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