विधानमंडल के दोनों सदनों ने मंगलवार को 3619.76 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित हो गया।
बजट पर चर्चा में नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अल्पसंख्यकों का ढोल पीटने वाली सरकार ने मुस्लिम लड़कियों को मिलने वाली राशि 30 हजार से घटाकर 20 हजार रुपये कर दी।
मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के शिविर में 43 मौतें हो चुकी हैं लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई धन नहीं दिया।
उन्होंने पूर्वांचल में जापानी इनसेफलाइटिस के कहर से निपटने के लिए अनुपूरक बजट में कोई व्यवस्था न होने का मामला भी उठाया।
कहा कि सरकार ने चीनी मिलों को अरबों का पैकेज दिया लेकिन आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार वालों के लिए 10-10 लाख रुपये की व्यवस्था भी नहीं की।
भाजपा के सतीश महाना ने कहा कि आम बजट की स्वीकृतियां जारी नहीं हुईं फिर अनुपूरक बजट का कोई औचित्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि न तो सभी छात्रों को लैपटॉप बंट पाए और न टैबलेट वितरण शुरू हुआ। बेरोजगारी भत्ता कहां गया, पता नहीं। पूरे प्रदेश में विकास शून्य है।
कांग्रेस के प्रदीप माथुर और रालोद के दलबीर सिंह ने भी कई सुझाव रखे। चर्चा का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने बसपा को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई पत्थरों के बुतों पर खर्च कर दी, उसके नेताओं के मुंह से ‘हमारी बेटी-उसका कल’ योजना का जिक्र अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि इस योजना की राशि नहीं घटाई गई है।
विधान परिषद में अनुपूरक बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान नेता सदन अहमद हसन ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी, ओमप्रकाश शर्मा और चेतनारायण सिंह ने इसका विरोध किया। बाद में दोनों सदनों में ध्वनिमत से अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया।