विधानसभा में 2014-15 का अंतरिम बजट व पहले चार महीने का लेखानुदान पेश करके उसे पास कराने की सारी औपचारिकताएं महज 15 मिनट में निपटा दी गईं।
मुख्यमंत्री ने ठीक 12.20 बजे बजट भाषण पढ़ना शुरू किया। सात मिनट में उन्होंने अंतरिम बजट और लेखानुदान मांगों का ब्यौरा सदन के पटल पर रखा।
इसके बाद अध्यक्ष ने उ.प्र. विनियोग (लेखानुदान) विधेयक, 2014 को सदन के पटल पर रखने के लिए मुख्यमंत्री का नाम पुकारा।
मुख्यमंत्री ने विधेयक पेश किया और फिर इसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया।