बीटीसी में दाखिले के लिए पुरानी व्यवस्था ही बहाल रहेगी। निजी कॉलेजों को सीधे दाखिला देने का अधिकार नहीं दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें बीटीसी में दाखिले का अधिकार निजी कॉलेजों को देने की बात कही गई थी।
चौधरी ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2014-15 में बीटीसी में दाखिला देने का अधिकार डायटों के पास ही रहेगा। पुरानी व्यवस्था पारदर्शी है और नई व्यवस्था लागू होने के बाद निजी कॉलेज प्रबंधकों की मनमानी बढ़ जाएगी।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि एससीईआरटी से संशोधित प्रस्ताव मिलने के बाद अब सत्र 2014-15 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परिषदीय स्कूलों में शिक्षक बनने की योग्यता स्नातक व बीटीसी है। प्रदेश में डायटों के अलावा निजी कॉलेजों में बीटीसी कोर्स चल रहा है।
प्रदेश में बीटीसी की 45,710 सीटें हैं। इसमें 10,450 सीटें डायटों में और 705 निजी कॉलेजों में 35,250 सीटें हैं। मौजूदा समय जिलेवार मेरिट बनाकर डायटों से दाखिला दिलाया जाता है।
इसलिए की गई थी मांग
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) चाहता था कि निजी कॉलेजों को स्वयं दाखिले का अधिकार दे दिया जाए जिससे डायटों से छात्र देने का झंझट खत्म हो जाए। इसके आधार पर ही प्रस्ताव तैयार करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री को भेजा गया था।
वहीं, परिषदीय स्कूलों में टीईटी पास बीएड डिग्रीधारक अब मृतक आश्रित कोटे से शिक्षक बन सकेंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है।
बता दें कि परिषदीय स्कूलों में सालों से मृतक आश्रित कोटे पर शिक्षकों की भर्ती रुकी हुई है। एनसीटीई से अनुमति मिलते ही मृतक आश्रित कोटे पर भर्ती के लिए नियमावली संशोधित करते हुए इसमें बीटीसी के साथ बीएड वालों को भी पात्र मान लिया जाएगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने से पहले परिषदीय स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे पर स्नातक पास अभ्यर्थियों को भी शिक्षक बनाकर डायट में प्रशिक्षण दिला दिया जाता था।
टीईटी पास बीटीसी वाले ही पात्र
आरटीई लागू होने के बाद एनसीटीई ने परिषदीय स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे पर शिक्षक भर्ती के लिए टीईटी पास बीटीसी वालों को ही पात्र कर दिया। तभी से परिषदीय स्कूलों में तैनाती के दौरान मरने वाले शिक्षकों के आश्रितों की नौकरी का मामला फंसा हुआ है।
हालांकि बेसिक शिक्षक विभाग मृतक आश्रित कोटे पर अभी केवल चतुर्थ श्रेणी की नौकरी दे रहा है।
शासन स्तर पर इस मामले यह यह तय किया गया कि एनसीटीई से अनुमति लेकर टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को भी मृतक आश्रित कोटे पर शिक्षक के लिए पात्र मान लिया जाए।
इसके आधार पर ही बेसिक शिक्षा विभाग ने एनसीटीई को पत्र लिखकर टीईटी पास बीएड वालों को परिषदीय स्कूलों में मृतक आश्रित कोटे पर शिक्षक बनाने की अनुमति मांगी है।
विभाग चाहता है कि बीटीसी के साथ टीईटी पास बीएड डिग्रीधारकों को भी पात्र मानने की अनुमति मिल जाए ताकि मृतक आश्रित कोटे के शिक्षकों के पदों को भर लिया जाए।