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यूपी उपचुनाव: वोटों के लिए तरसती रही BSP, चार सीटों पर जमानत भी न बची; लगातार तीसरे चुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन

Sun, 24 Nov 2024 03:40 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी उपचुनाव में भी बसपा वोटों के लिए तरसती रही। चार सीटों पर जमानत भी न बचा पाई। लगातार तीसरे चुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन रहा। 
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वोटों के लिए तरसती रही BSP, चार सीटों पर जमानत भी न बची - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरे चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को वोटों के लिए तरसना पड़ गया। नतीजों से साफ है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार बसपा का करीब 60 फीसद से अधिक वोट बैंक दूसरे दलों में शिफ्ट हो गया। दलित वोट बैंक ने बसपा को नकार दिया तो पार्टी मुस्लिम वोटरों का भरोसा भी नहीं जीत सकी। बसपा का उपचुनाव लड़ने का दूसरा कदम भी उसे नई दिशा नहीं दिखा सका। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान 5 सीटों पर हुए उपचुनाव में भी बसपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। फिलहाल बसपा का प्रदर्शन उसके अस्तित्व पर किसी बड़े खतरे का संकेत दे रहा है।

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चुनावी नतीजों पर गौर करें तो करहल, कुंदरकी, मीरापुर और सीसामऊ में बसपा धड़ाम हो गई। चारों सीटों पर बसपा का वोट पांच अंकों की सीमा तक भी नहीं पहुंच सका, जो प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने की वजह बन गया। मीरापुर और कुंदरकी में तो वोटरों ने बसपा से ज्यादा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को तरजीह दी है।
 

बसपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन कटेहरी सीट पर रहा, जहां पार्टी प्रत्याशी अमित वर्मा ने 41,647 वोट हासिल किए। वहीं मझवां के प्रत्याशी दीपक तिवारी उर्फ दीपू तिवारी ने 34,927 और फूलपुर के प्रत्याशी जितेंद्र कुमार सिंह को 20,342 वोट मिले। हालांकि तीनों सीटों पर 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले कम वोट मिले हैं। गाजियाबाद में टिकट बदलने का खेल बसपा को भारी पड़ गया और उसके प्रत्याशी परमानंद गर्ग 10,736 वोट ही हासिल कर पाए।

बड़े नेता बनाए रहे दूरी

बसपा के इस खराब प्रदर्शन की वजह पार्टी के बड़े नेता हैं, जिन्होंने उपचुनाव में प्रचार करने की जहमत तक नहीं की। पार्टी नेता महाराष्ट्र और झारखंड में खुद को मजबूत करने के फेर में यूपी में अपनी जमीन को खो बैठे। प्रत्याशियों ने अपने दम पर प्रचार किया, जो जीत में तब्दील नहीं हो सका। बसपा सुप्रीमो की प्रत्याशियों से मुलाकात तो हुई, लेकिन उनके नाम की घोषणा पार्टी ने अंतिम समय पर की, जिससे वोटरों में ऊहापोह रहा। सोशल इंजीनियरिंग के बल पर चुनाव जीतने की उसकी कसरत किसी काम नहीं आई। टिकट वितरण में अंजान चेहरों पर दांव लगाने की कीमत पार्टी को चुकानी पड़ गई।
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बसपा प्रत्याशियों को मिले वोट

  • सीट     -   प्रत्याशी      -     वोट     -  2022 में बसपा का प्रदर्शन
  • मीरापुर  - शाहनजर     -   3248     -        23797
  • मझवां  - दीपक तिवारी  -  34927     -      52990
  • कटेहरी  - अमित वर्मा  -    41647      -     58482
  • फूलपुर - जितेंद्र कुमार सिंह -  20342    -  33036
  • सीसामऊ - वीरेंद्र कुमार - 1410      -       2937
  • करहल - अवनीश शाक्य - 8409    -        15701
  • गाजियाबाद - परमानंद गर्ग - 10736    -   32691
  • कुंदरकी - रफतउल्ला - 1051     -         42742
  • खैर  -     पहल सिंह  -  13365    -         65302
  • कुल वोट                         1,35,135            3,27,678
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