बसपा आने वाले दिनों में स्नातक और शिक्षक विधान परिषद चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। पार्टी इस दौरान जिले से लेकर बूथ तक संगठन पुनर्गठन का काम करेगी। प्रदेश में एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में गहमागहमी तेज है।
भाजपा, सपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों का एलान भी कर दिया है। लेकिन, बसपा में चुप्पी है। बसपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी ने सत्ता में रहने के दौरान एक बार स्थानीय निकाय चुनाव जरूर लड़ा था।
लेकिन परिषद के शिक्षक व स्नातक चुनाव नहीं लड़े। पार्टी अभी भी इसी नीति पर कायम है और आगामी शिक्षक व स्नातक चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है।
पदाधिकारी के मुताबिक बसपा सुप्रीमो मायावती ने पिछले दिनों जिले से लेकर बूथ तक मौजूदा संगठन को भंग कर नए सिरे से पुनर्गठन का निर्देश दिया था। इस समय जिला व विधानसभा क्षेत्र कमेटी के गठन का काम तेजी से चल रहा है।