बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि पिछले कुछ चुनावों को धार्मिक रंग देकर संकीर्ण स्वार्थ की राजनीति की जा रही है। इस चुनाव में इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग को काफी सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। मायावती ने रविवार को लखनऊ में बयान जारी किया। कहा कि निष्पक्षता एवं बिना भेदभाव केचुनाव कराने के लिए यह जरूरी है कि सरकारी मशीनरी में चुनाव आयोग का खौफ जरूर कायम रहे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में खासकर दलित व अन्य कमजोर वर्ग के लोग अपना वोट डाल सकें इसके लिए आयोग को सख्ती से कदम उठाने होंगे। यूपी की जनता कथनी व करनी के अंतर को समझ चुकी है। वह यह जान चुकी है कि बसपा ही ऐसी पार्टी है जिसकी कथनी करनी में कोई अंतर नहीं है। उसके शासनकाल में कानून द्वारा कानून का राज चलता है। वर्तमान समय में प्रदेश में अपराधियों का जंगलराज चल रहा है।
सपा पर निशाना साधा
मायावती ने कहा कि एक पार्टी तो ऐसी है जो दूसरी पार्टियों के निकाले गए लोगाें केसहारे 403 में 400 सीटें जीतने के सपने देख रही है। उसका यह सपना दस मार्च को हवा हवाई साबित होने वाला है।बसपा प्रमुख ने कहा कि बसपा चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह से पालन करेगी। यह चुनाव पूरी तरह से फ्री एंड फेयर होना चाहिए। इसके लिए आयोग भी सख्ती करे। इस चुनाव में बीजेपी की सरकार अपनी कमियों की वजह से सत्ता से बाहर हो जाएगी बशर्ते इन्होंने चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग नहीं किया और वोटिंग मशीनों में भी कुछ गड़बड़ी आदि नहीं की। आयोग को इन सब पर निगाह रखनी होगी।