तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच दिल्ली से लखनऊ लौटी मायावती ने 26 मई को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन और राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाई है।
इसमें पार्टी के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी व कार्यकारिणी सदस्य, सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य जोन इंचार्ज, जोन इंचार्ज, राज्यसभा सदस्य, सभी पूर्व और वर्तमान विधायक, विधान परिषद सदस्य, मंडल व जोन इंचार्ज, जिलाध्यक्ष तथा बहुजन वालंटियर फोर्स जैसे सभी संगठनों के जिम्मेदार लोग बुलाए गए हैं।
यह अधिवेशन बसपा के प्रदेश कार्यालय पर 11 बजे से शुरू होगा और इसमें मायावती आगामी लोकसभा चुनाव व पार्टी की आगामी गतिविधियों को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश देंगी। साथ ही सपा के साथ कांग्रेस व रालोद भी गठबंधन का हिस्सा होंगे या नहीं, इसके भी संकेत देंगी।
दूसरे राज्यों में पार्टी किन-किन दलों से हाथ मिलाने पर विचार कर रही है, इस बारे में भी संकेत कर सकती हैं। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मायावती को लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने का प्रस्ताव भी पास हो सकता है।