20 साल पहले मुख्यमंत्री मायावती द्वारा दिए गए पांच लाख रुपये की अनुदान राशि फर्जी संस्था के नाम पर लेने के मामले में अदालत ने बसपा के पूर्व विधायक और वर्तमान जिलाध्यक्ष को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही 13 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।
वर्ष 1993 में चरखारी निवासी उदयप्रकाश अहिरवार ने इसी विधानसभा से चुनाव जीता था और बसपा नेता हरगोविंद के साथ मिलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर टेक्निकल शिक्षण संस्थान के नाम से एक संस्था बनाई थी।
संस्था के प्रबंधक उदय प्रकाश अहिरवार और कोषाध्यक्ष हरगोविंद वर्मा थे। 14 मार्च 1995 को मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर टेक्निकल शिक्षण संस्थान कुलपहाड़ के नाम पांच लाख रुपये का अनुदान दिया गया।