फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपा ने घोषित किए राज्यसभा व विधान परिषद के प्रत्याशी, यहां देखें

Sat, 21 May 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
मायावती
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा की दो और विधान परिषद की तीन सीटों के लिए पार्टी प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सतीश चंद्र मिश्र और पूर्व एमएलसी अशोक सिद्धार्थ राज्यसभा के प्रत्याशी होंगे।
विज्ञापन


जबकि विधान परिषद में मेरठ से अतर सिंह राव, सुल्तानपुर से दिनेश चंद्रा और गाजियाबाद से सुरेश कश्यप को प्रत्याशी बनाया है।

मायावती ने इसकी घोषणा शुक्रवार को दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में यूपी के विधायकों व प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में की।

राज्यसभा व विधान परिषद में पार्टी से पांच लोगों को मौको होने के बावजूद मायावती किसी मुस्लिम या ठाकुर को प्रत्याशी नहीं बना पाई है। शायद इसी वजह से उन्होंने एमएलसी के पूर्व के चुनावों में नसीमुद्दीन सिद्दीकी और ठाकुर जयवीर सिंह को भेजने का जिक्र खासतौर से किया है।
Trending Videos

बसपा से राज्यसभा के प्रत्याशी

सतीश चंद्र मिश्रा (बायें) व अशोक सिद्घार्थ (दायें) - फोटो : amar ujala
सतीश चंद्र मिश्र : बने रहेंगे ब्राह्मण चेहरा
बसपा में नंबर दो की हैसियत रखने वाले एससी मिश्र पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरा भी हैं। यही नहीं, मायावती के राजनीतिक फैसलों में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। साथ ही वह पार्टी के कानूनी मामलों के मुख्य पैरोकार भी हैं। मायावती ने उन्हें लगातार तीसरी बार राज्यसभा में भेजने का फैसला किया है।

वर्ष 2004 में पहली बार और वर्ष 2010 में दूसरी बार राज्यसभा भेजे गए। आगामी चार जुलाई को मिश्र का दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। बसपा सुप्रीमो को उम्मीद है कि पिछले विधानसभा चुनाव से ही दूर हुआ ब्राह्मण समाज एख बार फिर बसपा की ओर रुख करेगा।

अशोक सिद्धार्थ : विधान परिषद के बाद राज्यसभा में मौका
फर्रुखाबाद के रहने वाले अशोक सिद्धार्थ मौजूदा समय में तमिलनाडु और केरल में पार्टी के प्रभारी है। इसके अलावा कानपुर, झांसी व चित्रकूट मंडल के जोनल कोआर्डिनेटर के रूप में संगठन का काम देख देर हैं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता माने जाने वाले सिद्धार्थ पूर्व में विधान परिषद के सदस्य रहे हैं।

30 जनवरी 2015 में उनका एमएलसी कार्यकाल खत्म हुआ था। उम्मीद जताई जा रही थी कि बसपा से फिर एमएलसी होंगे। पर, दोबारा मौका नहीं मिला। इसके बावजूद सिद्धार्थ पूरी निष्ठा से संगठन के लिए काम करते रहे। बसपा सुप्रीमो में अब उन्हें राज्यसभा में भेजने का फैसला किया है।

ये होंगे विधान परिषद के लिए बसपा के प्रत्याशी

अतर सिंह राव - फोटो : amar ujala
अतर सिंह राव : पश्चिमी यूपी में बढ़िया काम का इनाम
मेरठ के दलित परिवार से ताल्लुक रखने वाले अतर सिंह राव पश्चिम यूपी में बसपा के मजबूत कैडर कार्यकर्ताओं में गिने जाते हैं। बूथ स्तर से काम शुरू करने वाले राव ने संगठन में कई अहम पदों पर रहे हैं।

इसके तहत वह पश्चिमी यूपी के प्रभारी और मेरठ मंडल के कोआर्डिनेटर भी रहे। कुछ दिन पहले वह मुरादाबाद मंडल के कोआर्डिनेटर बनाए गए थे। जल्दी ही उनके साथ बरेली मंडल जोड़कर मुरादाबाद व बरेली मंडल का जोनल प्रभारी बना दिया गया।

वर्ष 2015 में जब विधान परिषद के रिक्त पदों पर पार्टी ने नए प्रत्याशी उतारे थे, राव के नाम की चर्चा तब भी थी। मगर तब वह स्थान नहीं बना पाए थे। अब संगठन से वह सीधे उच्च सदन की राजनीति में भाग्य आजमाएंगे।

इन्होंने तेजी से चढ़ी सफलता की सीढ़ी, जल्द मिला मौका

दिनेश चंद्रा - फोटो : amar ujala
दिनेश चंद्रा : तेजी से चढ़ी सफलता की सीढ़ी
वर्ष 2001 में बहुजन वालंटियर फोर्स (बीवीएफ) से बसपा के साथ जुड़े चंद्रा सुल्तानपुर के दलित परिवार से हैं। चंद्रा बीवीएफ के जिला संयोजक के अलावा बसपा के जिला उपाध्यक्ष, जिला प्रभारी, लोस प्रभारी, अमेठी लोस कोआर्डिनेटर, जिला सचिव, जिला अध्यक्ष रहे।

इसके बाद लोस चुनाव के  पहले वह फैजाबाद मंडल के कोआर्डिनेटर बने। कुछ महीने पहले पूर्व वित्त मंत्री लालजी वर्मा का काम हल्का करते हुए चंद्रा को पांच मंडलों का जोनल कोआर्डिनेटर बनाया गया था। मौजूदा समय में वह फैजाबाद, देवीपाटन, बस्ती और गोरखपुर के साथ आजमगढ़ मंडल के जोनल कोआर्डिनेटर हैं।
विज्ञापन

एक दिन बाद ही किया डैमेज कंट्रोल

सुरेश कश्यप - फोटो : amar ujala
सुरेश कश्यप : नरेंद्र की विदाई का फौरन मिला फायदा
चार जुलाई को कार्यकाल पूरा करने जा रहे राज्यसभा सदस्य नरेंद्र कश्यप को मायावती ने एक दिन पहले ही बसपा से निकाला था। अब सुरेश कश्यप को विधान परिषद में भेजने का एलान कर मायावती ने कश्यप समाज को न छिटकने देने का संदेश दिया है।

सुरेश वर्ष 2006 से बसपा की भाईचारा कमेटियों के जरिये अपने समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं। वह कश्यप भाईचारा कमेटी में जिला संयोजक, लोस अध्यक्ष, मेरठ मंडल के भाईचारा कोआर्डिनेटर, फिर मेरठ, सहारनपुर व मुदाराबाद सेक्टर के कोआर्डिनेटर रहे हैं।

वह गाजियाबाद की बसपा यूनिट के जिला महासचिव व शामली के लोकसभा अध्यक्ष भी रहे हैं। इस समय पश्चिमी यूपी में कश्यप समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें