महमूदाबाद के प्राथमिक विद्यालय नदवा में बृहस्पतिवार सुबह भाजपा की महमूदाबाद विधायक आशा मौर्य पहुंची। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों से ईंट से क्लास का ताला तुड़वाया। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पढ़ने के लिए कहा। इसके बावजूद बच्चों ने पढ़ने से इनकार कर दिया।
विधायक आशा मौर्य ने कहा कि प्रधानाध्यापक की कोई शिकायत थी तो वह सही ढंग से अपनी बात रखते। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि प्रधानाध्यापक ने बेल्ट निकाल कर पीटा है, यह बेहद गलत है।
सांसद बोले- घटना दुर्भाग्यपूर्ण, शिक्षक को भी पीटा गया
सीतापुर के सांसद राकेश राठौर ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सीतापुर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षा का मंदिर जहां संचालित होता हो, बच्चों को शिक्षा मिलती है, वहां यह घटना होना बेहद निंदनीय है लेकिन इसके पीछे के आक्रोश को भी समझने की बेहद जरूरत है कि आखिर एक शिक्षक इतना आक्रोशित क्यों हो गया। मुझे सूचना मिली है कि शिक्षक को भी पीटा गया। उनकी भी एफआईआर दर्ज हो। इस मामले में बीएसए ही सबसे ज्यादा राजनीति करते हैं। मैं दिल्ली जा रहा हूं, लौटकर आऊंगा तो रणनीति बनाकर काम करूंगा और कार्रवाई कराऊंगा।
इसके पहले, बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह को बेल्ट से पीटने के आरोपी प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को बुधवार सुबह निलंबित कर दिया गया। उधर, नदवा विद्यालय के बच्चों ने बुधवार सुबह स्कूल के बाहर अभिभावकों के साथ शिक्षिका अवंतिका के खिलाफ नारेबाजी की और बृजेंद्र वर्मा को बहाल करने की मांग उठाई। विरोध के कारण स्कूल में पढ़ाई ठप रही।
बीएसए ने बुधवार को एक शिक्षक को विद्यालय में भेजा, लेकिन अभिभावकों ने उन्हें पढ़ाने नहीं दिया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर उनके बयान दर्ज किए। सीओ सिटी विनायक भोंसले ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधानाध्यापक को जेल भेज दिया गया है।
बीएसए सीतापुर अखिलेश प्रताप सिंह ने बयान दिया कि प्राथमिक विद्यालय नदवा में अब राजनीति हो रही है। प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। बुधवार सुबह एक दूसरे शिक्षक को स्कूल भेजा गया था। ग्रामीणों ने उन्हें पढ़ाने नहीं दिया। वह प्रदर्शन करते रहे। ग्रामीणों को समझाकर जल्द स्कूल में पढ़ाई शुरू कराएंगे।
पूर्व मंत्री बोले, ग्रामीणों ने शिक्षिका के स्कूल न आने की शिकायत की थी
सपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने बताया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी और वहां नियुक्त शिक्षिका एक ही जनपद के रहने वाले हैं। शिक्षिका काफी समय से स्कूल नहीं आ रही थीं। प्रधानाध्यापक के ऊपर दबाव था। महीने में एक दिन आएंगी और हाजिरी पूरे महीने की लगवा लेना। शिक्षिका को सीतापुर अटैच किया गया था। मेरी खुद बीएसए से टेलीफोन पर बात हुई थी। अगले दिन शिक्षिका का फोन मेरे पास आ गया। प्रधानाध्यापक को टॉर्चर किया जा रहा था। शायद इसी कारण शिक्षक हिंसक हुआ।
प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के विरुद्ध 24 जुलाई को जनसुनवाई पोर्टल पर हैलेपारा ग्राम पंचायत के फूलचंद्र सिंह ने वित्तीय अनियमितता को शिकायत की थी। आरटीई के तहत विद्यालय में कंपोजिट ग्रांट के आय व्यय का ब्योरा तलब किया। इस पर बीएसए ने 26 अगस्त को प्रधानाध्यापक को पत्र जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा।
सूत्रों के अनुसार यह शिकायत
प्रधानाध्यापक की छवि को धूमिल करने के लिए की गई थी। इसमें प्रधानाध्यापक बेदाग निकले। इसके बाद इसी स्कूल के शिक्षक संतोष कुमार वर्मा पर सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट करने व विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित न रहने का आरोप लगा। इसको शिकायत विधायक महमूदाबाद आशा मौर्या ने बीएसए से की। इसपर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया। स्कूल में बची एकमात्र शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को बीएसए ने प्रतियोगी परीक्षा के उड़नदस्ते में शामिल करा दिया। शिक्षक संतोष के निलंबित होने व अवंतिका गुप्ता के अटैच होने से विद्यालय में पढ़ाई बाधित होने लगी।
प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को पत्र भेजकर अटैच करने संबंधी कागजात मांग लिए। यही बात पूरे विवाद की जड़ बन गई। अवंतिका को नोटिस देने से नाराज बीएसए ने प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा को व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा। बृजेंद्र बीएसए कार्यालय पहुंचे तो बात मारपीट तक पहुंच गई।
प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा ने 18 सितंबर को सहायक अध्यापिका अवंतिका गुप्ता को नोटिस दिया, जिसमें जिक्र किया कि आप बीएसए के निर्देश के अनुसार 17 से 22 जुलाई तक सैद्धांतिक परीक्षा व 28 जुलाई से 20 अगस्त तक परीक्षाओं के उड़नदस्ते में शामिल रहीं। 21 अगस्त से 20 सितंबर तक आप जहां भी रहीं, उस संस्था के प्रभारी का प्रमाणित प्रमाणपत्र उपलब्ध करवाएं। इसके बाद ही उपस्थिति पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। शिक्षिका ने इसे अपना अपमान बताते हुए बीएसए से शिकायत की। उसी शिकायत पर जवाब देने के लिए बृजेंद्र कुमार वर्मा को मंगलवार को बीएसए ने कार्यालय बुलाया था।
दोपहर में आए बीएसए, शाम पांच बजे तक निपटाया काम जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का नजारा बुधवार को बदला रहा। फरियादी नहीं पहुंचे, लेकिन पिटाई का मामला हर किसी के जुबान पर बना रहा। इस सब के बीच बीएसए सुबह की बजाय दोपहर में कार्यालय आए और शाम पांच बजे तक काम निपटाया।
सीतापुर में मंगलवार 23 सितंबर को प्रधानाध्यापक बृजेंद्र कुमार वर्मा द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह के साथ की गई मारपीट को बेसिक शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग की ओर से प्रधानाध्यापक को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।
साथ ही मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने कहा है कि अनुशासनहीनता के प्रति वह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। यह जानकारी विभाग की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्वीट कर दी गई है। वहीं विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा है कि एक शिक्षक को किन परिस्थितियों में ऐसा कदम उठाना पड़ा। इसका सच भी सामने आना चाहिए। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में आधी चीज दिखाई जा रही है। बाद का भी फुटेज सामने लाकर जांच करनी चाहिए। विद्यालय में शिक्षक काफी लोकप्रिय है और बच्चे भी उनके समर्थन में हैं।