लखनऊ। दांतों की सफाई के लिए कठोर रेशे वाले ब्रश का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, बल्कि कोमल रेशों वाले ब्रश से ही सही तरह से सफाई की जानी चाहिए। यह कहना है किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत विज्ञान संकाय के भूतपूर्व डीन प्रोफेसर असीम प्रकाश टिक्कू का।
प्रो. टिक्कू ने बृहस्पतिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) में आयोजित इंडक्शन प्रोग्राम में बीटेक, एमटेक और एमबीए के प्रथम वर्ष के छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मसूड़ों से रक्तस्राव होने पर ब्रश करना बंद नहीं करना चाहिए, बल्कि नियमित सफाई जारी रखनी चाहिए।
उन्होंने बाजार में बिकने वाले कुछ दंत पाउडर को नशीला करार देते हुए कहा कि इनके प्रयोग से नशे की लत और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आईईटी निदेशक प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि दांत चेहरे का सबसे सुंदर अंग हैं। इनकी सही देखभाल के बिना मुस्कराते हुए सुखी जीवन की कल्पना असंभव है।
सिगरेट व शराब से दांतों पर पड़ता है बुरा असर
प्रो. टिक्कू ने कहा कि तंबाकू, सिगरेट और शराब जैसे मादक पदार्थ दांतों की उम्र घटा देते हैं, इसलिए इनसे बचना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल ब्रश से भी दांत साफ किए जा सकते हैं। टूथपेस्ट केवल सांसों की ताजगी और सफाई का आभास देता है।
होंठ कटने की समस्या का ग्रहण से कोई संबंध नहीं
प्रो. टिक्कू ने यह भ्रांति भी दूर की कि सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों के होंठ कटने की समस्या का ग्रहण से कोई संबंध नहीं है। यह केवल एक मिथक है।