स्कूल के वाहन में विद्यालय प्रबंधक के भाई ने स्कूल की ही एक छात्रा से अश्लील हरकत कर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इसको लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और शनिवार सुबह भाजपा समेत अन्य संगठनों के लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी व स्कूल प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया। स्कूल को भी सील कर दिया गया है। क्षेत्र में एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।
शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैलने लगा। हैदरगंज बाजार स्थित हनुमानगढ़ी चौराहे पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस मामले को लेकर देर रात गुस्साए लोग विद्यालय पहुंचे और बवाल करने लगे।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष हैदरगंज रामचंद्र सरोज, एसएसआई लोकेंद्र सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा कर शांत कराया। मौके की नजाकत को देखते हुए रात में ही एसएसपी सुभाष सिंह बघेल, एसपी ग्रामीण संजय कुमार, सीओ बीकापुर रुचि गुप्ता ने भी पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
जांच में पुलिस को पता चला कि वीडियो में दिख रहा युवक हैदरगंज बाजार स्थित एक स्कूल के प्रबंधक का छोटा भाई है, जो स्कूल का वाहन चालक भी है। इस अश्लील वीडियो को स्कूली वाहन के अंदर ही बनाया गया है।
इलाके में पुलिस बल तैनात
- फोटो : amar ujala
शनिवार सुबह करीब सात बजे फिर लोगों की भीड़ धोबना चौराहा पर एकत्र होने लगी। यह देख पुलिस ने विद्यालय सहित हैदरगंज बाजार के ब्रहम बाबा चौराहा, हनुमानगढ़ी चौराहा, धोबना चौराहा पर पुलिस व डेढ़ सेक्शन पीएसी समेत फायर ब्रिगेड व वज्र वाहन तैनात कर दिया।
सुबह 10 बजे कुछ युवाओं के साथ भाजपा कार्यकर्ता धोबना चौराहा पर एकत्र होकर विद्यालय बंद करने की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। पुलिस द्वारा आरोपी पर केस दर्ज कर गिरफ्तार करने व स्कूल को सील करने की जानकारी देने लोग शांत हुए।
एसपी ग्रामीण संजय कुमार ने बताया कि थाने के एसएसआई लोकेंद्र की तहरीर पर पाक्सो व आईटी एक्ट के साथ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी मेराज अहमद व प्रबंधक सिराज अहमद को सुबह मलावन गेट से गिरफ्तार कर लिया गया है, इसमें अभी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
बिना मान्यता के चल रहा स्कूल, किया सील
मौके पर जांच करने गईं बीएसए अमिता सिंह ने बताया ये स्कूल इंटर तक चलाया जा रहा था। स्कूल के प्रबंधक सिराज अहमद स्कूल मान्यता संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सके, जिससे स्पष्ट है कि इसे मान्यता नहीं थी। जांच के बाद स्कूल को सील कर उसमें ताला लगा दिया गया है।