रैन बसेरे की खिड़कियों में लगे शीशे।
लखनऊ। केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (क्वीन मेरी) परिसर स्थित रैन बसेरे की खिड़कियों के टूटे शीशे ठीक कर दिए गए हैं। इससे ठंड झेलने वाले तीमारदारों को राहत मिली है। अमर उजाला ने 14 दिसंबर को इस पर खबर प्रकाशित की थी।
बुधवार को रैन बसेरे में मौजूद बहराइच के रमेश वर्मा ने बताया कि वह करीब एक महीने से यहां ठहरे हैं। पहले जब खिड़कियों में शीशे नहीं लगे थे तो ठंड से रात में नींद नहीं आती थी। शीशे लग जाने से काफी राहत मिली है। वहीं, लखीमपुर खीरी के तीमारदार सत्यप्रकाश ने बताया जब खिड़कियों में केवल जाली लगी थी तो सर्द हवाएं भीतर प्रवेश कर रही थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को ठंड में रात गुजारनी पड़ रही थी, लेकिन अब शीशे लग गए हैं। इससे लोग ठंड की वजह से बीमार होने से बच रहे हैं। इसके अलावा रैन बसेरे के बाहर पानी की व्यवस्था भी ठीक कर दी गई है।