कैसरबाग के नजरबाग में रहने वाली डॉ. सरोजनी कपूर (85) की सोमवार को मौत हो गई। वह मकान में अकेले मौजूद थीं। घर का कमरा भी भीतर से बंद था। इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्र के मुताबिक परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। सरोजनी काे सांस की समस्या थी।
सरोजनी सैनिक स्कूल से सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं। भतीजे विमर्श रस्तोगी ने बताया कि वह रक्षाबंधन में चौक सब्जी मंडी स्थित भाई के घर राखी बांधने गई थीं। वहां से वह उन्हें नजर बाग स्थित उनके घर पर छोड़ने गया था। सोमवार को सेना में ब्रिगेडियर सरोजनी के बेटे अखिलेश कपूर ने मां को कई बार फोन किया। फोन नहीं उठने पर उन्होंने रिश्तेदारों को घर जाने के लिए कहा। रिश्तेदार जब घर पहुंचे तो दरवाजा भीतर से बंद था। संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस छत के रास्ते दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हुई। छानबीन करने पर पूजा घर में सरोजनी कपूर मृत अवस्था में मिलीं। मामले की जानकारी बेंगलूरू में तैनात अखिलेश कपूर को दी गई।
विमर्श रस्तोगी के मुताबिक उनकी बुआ हार्ट की मरीज थीं। उन्हें कई अन्य बीमारियां भी थीं। सरोजनी के पति मनोहर कपूर का 11 वर्ष पहले देहांत हो गया था। घर पर नौकरानी खाना बनाने आती थी। परिजनों ने बताया कि शनिवार को भी सरोजनी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।