सुल्तानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर लोनी नदी पर बने पुल का एप्रोच भारी बरसात के बीच रविवार देर रात बह गया। इस दौरान यात्रियों को लेकर सुल्तानपुर जा रही परिवहन निगम की एक बस पुल पर हवा में लटक गई।
यह देख बस पर सवार 20 यात्रियों की सांसें अटक गई। चालक परिचालक ने पुलिस की मदद से यात्रियों को सुरक्षित उतारा और मामले की जानकारी अफसरों को दी।
सोमवार को एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद है। वाहनों को अन्य मार्गों से गंतव्य की ओर भेजा गया।
2007 में हुआ था पुल का निर्माण
लोनी कटरा के निकट लोनी नदी पर राष्ट्रीय मार्ग खंड लखनऊ द्वारा वर्ष 2007 में करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया था।
लेकिन पुराने पुल को तोड़ा नहीं गया था। रविवार को पूरे दिन हुई झमाझम बारिश से नदी का पानी पुराने पुल के ऊपर से बहने लगा।
वहीं घरकुइयां के निकट बने पुल में जल निकासी नहीं हो पाने की वजह से उधर का पानी भी इस ओर मुड़ गया। पानी का अधिक दबाव होने की वजह से रात करीब साढे़ बारह बजे पुल का एप्रोच उसे सह नहीं सका और बह गया।
जिससे लखनऊ से सुल्तानपुर जा रही कैंट डिपो की परिवहन निगम की बस पुल पर हवा में अटक गई।
पुलिस की तत्परता से टला हादसा
गश्त पर पहले से ही मौजूद पुलिस ने तुरंत चालक और परिचालक के सहयोग से यात्रियों को सकुशल बस से उतार दूसरे वाहनों से रवाना किया। इसकी जानकारी अफसरों को दी गई।
एनचएआई के जनरल मैनेजर ने बताया कि निर्माण के दौरान पुराने पुल को यदि तोड़ दिया जाता तो पानी का इतना दबाव नहीं बनता।
वहीं कई स्थानों और बगल की ड्रेन का पानी भी इस ओर आ गया जिससे एप्रोच पानी के दबाव को सह नहीं सका और बह गया। मार्ग पर यातायात बंद करा दिया गया है। एप्रोच की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है।