लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में फंड देने के नाम पर घूस लेने की कोशिश का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित लखीमपुर गोला के एसडीओ विनीत वर्मा के मुताबिक, लगभग चार लाख रुपये बाकी वेतन के मद में फंड (रकम) जारी करने के लिए घूस नहीं दी तो उनके प्रकरण को आठ माह तक लटकाए रखा गया। एसडीओ ने 16 अगस्त को जब प्रकरण की मुख्य लेखा अधिकारी से लिखित शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई तो उसी दिन शाम को वेतन के मद में फंड जारी कर दिया गया।
लेसा के निरालानगर उपकेंद्र के तत्कालीन जूनियर इंजीनियर प्रमोशन पाकर एसडीओ बने विनीत ने बताया कि वर्ष 2018 मई से दिसंबर तक वेतन बाकी था। बाकी वेतन के मद में 3,95,368 रुपये का फंड जारी करने के लिए क्षेत्रीय लेखा कार्यालय में दिसंबर 2018 में आवेदन किया था। एसडीओ ने बताया कि इस आवेदन के बाद क्षेत्रीय लेखा कार्यालय में उनसे फंड के मद में नौ हजार रुपये की घूस मांगी गई। घूस की मांग को ठुकराने पर उनकी फाइल को यह कहते हुए दरकिनार कर दिया गया, कि चुनाव आचार संहिता के दौरान वेतन निधि को जारी नहीं किया जा सकता है। एसडीओ ने शिकायत प्रतिलिपि प्रबंध निदेशक को भेजी।
फोन पर शिकायत, फंड जारी
एसडीओ ने लिखित शिकायत करने के बाद मध्यांचल निगम के महाप्रबंधक (फंड) डॉ. यूके यादव से मोबाइल पर वेतन मद का फंड न देने की जानकारी दी तो 16 अगस्त को उसी दिन शाम को फंड जारी हो गया। हालांकि महाप्रबंधक ने लिखित शिकायत करने पर एसडीओ पर नाराजगी भी व्यक्त की।
शिकायत की जांच होगी
एसडीओ से वेतन मद के फंड को लेकर घूस देने के दबाव की शिकायत उन तक पहुंचेगी तो जांच होगी। लेकिन अब तक यह शिकायत मेेरे पास नहीं पहुंची है।
- राकेश कुमार, निदेशक (वित्त) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम