रायबरेली। जिले में ठंड की दस्तक ने सांस व हृदय के रोगियों की समस्या बढ़ा दी है। सीने में दर्द होने के बाद शुक्रवार को सात मरीजों को भर्ती कराया गया। सांस के एक रोगी ने दम तोड़ दिया। ओपीडी में भी हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। पर्याप्त जांच और इलाज के बंदोबस्त न होने से गंभीर मरीजों को लखनऊ या एम्स रेफर किया जा रहा है।
अमूमन ठंड का ज्यादा असर हृदय पर पड़ता है। ठंड की शुरुआत होते ही हृदय के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सांस की समस्या बढ़ने पर नसीराबाद निवासी मो. शफीक (74) को गत बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात में इलाज के दौरान मौत हो गई। दिल में दर्द होने के बाद हालत बिगड़ने पर सर्वोदय नगर निवासी राम अभिलाष (58), न्यू राना नगर निवासी दिव्या (36), मौलीपुरवा खीरों निवासी बिंदा देवी (65), बस्तेपुर निवासी चंद्रकली (76), हरिशगुनखेड़ा निवासी विशेषर (22), भदोखर निवासी रामबली (65), नया पुरवा निवासी बालेश्वर (65) को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
ठंड बढ़ने के बाद हॉर्ट के मरीजों की संख्या ओपीडी में भी बढ़ गई है। शुक्रवार को डॉ. सलीम के ओपीडी कक्ष के बाहर ज्यादा मरीज देखने को मिले। इसमें करीब 70 मरीजों की ईसीजी कराई गई। उधर, जिला अस्पताल में हार्ट मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं हैं। ऐसी स्थिति में ओपीडी में आने वाले गंभीर मरीजों को ईजीसी जांच के बाद रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है।
सर्दी से बचें, आदत में लाएं सुधार : डॉ. सलीम
जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सलीम का कहना है कि सीने में दर्द, बेचैनी, पसीना आना, जबड़े, गर्दन बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना आदि हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण हैं। ठंड के मौसम में नसें सिकुड़ती हैं और सख्त हो जाती हैं। ठंड में ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नीचे आने से हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, ऐसे में दबाव बढ़ने से हार्ट अटैक आ सकता है। ठंड से बचना और अपनी आदतों में सुधार लाना जरूरी है। लक्षण प्रतीत हो तो चिकित्सीय सलाह तुरंत लेना जरूरी है।
बचाव के लिए करें यह काम
ठंड से बचाव के लिए कई परत में गर्म कपड़े पहनें।
नियमित रूप से धूप में बैठें और उचित व्यायाम करें।
टहलने का समय सर्दी के हिसाब से आगे बढ़ा दें।
सीने में दर्द होने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
मरीजों को सांस लेने की समस्या भी हो सकती है।