केजीएमयू में ब्रेस्ट कैंसर अपडेट कार्यक्रम का कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद ने किया शुभारंभ।
लखनऊ। केजीएमयू में इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्र के मुताबिक स्तन कैंसर का पता चलने के 30 दिन में इलाज शुरू हो जाना चाहिए। वह शुक्रवार को केजीएमयू में शताब्दी भवन प्रेक्षागृह में ब्रेस्ट अपडेट-2025 कार्यक्रम में बोल रहे थे।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि स्तन कैंसर का इलाज संभव है। महिलाओं को शर्म व झिझक छोड़कर इसकी शुरुआत करनी चाहिए। जैसे ही स्तन पर गांठ नजर आए, उसकी जांच कराएं। सामान्य तौर पर 80 फीसदी गांठ कैंसर नहीं होती हैं, इसलिए डरे नहीं।
उन्होंने कहा कि जांच में लेटलतीफी होने पर इलाज में भी देरी होती है। इससे इलाज संभव नहीं होता है। केजीएमयू के कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि महिला किसी भी परिवार का केंद्र बिंदु होती है। उसका स्वस्थ रहना पूरे परिवार के लिए जरूरी होता है।
ऑपरेशन के बाद बराबर रहेगा स्तनों का आकार
डॉ. डीजी विजय ने बताया कि स्तन कैंसर के मामलों में ऑपरेशन की जरूरत होती है। इसमें कैंसरग्रस्त हिस्से को निकाल दिया जाता है। इससे महिलाओं के स्तनों के आकार में अंतर आ जाता है। यह शर्म और झिझक का कारण बनता है। इसे देखते हुए अब महिलाओं की रजामंदी से उनके दूसरे स्तन का आकार भी ऑपरेशन करके पहले के बराबर कर दिया जाता है।