लखनऊ। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए तकनीक आधारित नवाचारों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर स्क्रीनिंग से बीमारियों की समय रहते पहचान संभव हो सकेगी, जिससे समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं, डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन तकनीक से बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं का शीघ्र निदान किया जा सकेगा। यह बातें चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने कही।
स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संस्था सम्यक कलेक्टिव गुड फाउंडेशन के सहयोग से शुक्रवार को मोहनलालगंज सीएचसी में डिजिटल सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर स्क्रीनिंग, डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन के माध्यम से बच्चों की आंखों की जांच के लिए आधुनिक मशीनों का उद्घाटन स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने किया। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि इस पहल से बाल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सर्वाइकल एवं स्तन कैंसर स्क्रीनिंग को भी नई मजबूती मिलेगी। डिजिटल ऑटो-रेफ्रेक्शन मशीन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम को सौंप दी जाएगी। यह टीम विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों में 42 प्रकार की जन्मजात बीमारियों की पहचान कर उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करती है। इस मौके पर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. संजू अग्रवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. अलका शर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. निशांत निर्वाण, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिवाकर भारद्वाज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।