संसद की सुरक्षा भेदने के आरोपी सागर शर्मा को लेकर तफ्तीश जारी है। एजेंसियां उसकी पूरी कुंडली खंगाल रही हैं। तफ्तीश में सामने आया कि सागर के चार बैंकों में खाते हैं। सभी की पासबुक जांच एजेंसियों ने कब्जे में ली हैं। जांच एजेंसियां खातों में रकम के लेनदेन का ब्योरा खंगाल रही हैं। खातों में रकम तो अधिक नहीं है, लेकिन लेनदेन किन लोगों से हुआ ये अहम है। इसी पहलू पर एजेंसियां तहकीकात कर रही हैं।
संसद के भीतर घुसकर कलर स्प्रे छोड़ने में आलमबाग के रामनगर का रहने वाले सागर शर्मा भी शामिल था। दिल्ली पुलिस उसे जेल भेज चुकी है। इधर घटना के बाद से उसके घर पर पुलिस बल तैनात है। पुलिस के अलावा कई अन्य सुरक्षा एजेंसियां उसके घर जाकर तफ्तीश कर चुकी हैं। उसकी किताबें और डायरी भी जब्त की गई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सागर के बैंक खातों का विवरण खंगाला जा रहा है। उसके चार बैंक खाते मिले हैं। खातों में रकम न के बराबर है लेकिन ये देखा जा रहा है कि पैसे कब, कहां से आए? किसने भेजे? और सागर ने किसको पैसे ट्रांसफर किए। एक तरह से साक्ष्य जुटाने का प्रयास है। ये भी पता किया जा रहा है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों से सागर का रकम का कोई लेनदेन हुआ है या नहीं।
सागर तमाम तरह की किताबें पढ़ता था। डायरी लिखने का भी शौक था। इसके अलावा वह स्केच भी बनाता था। उसके कमरे से कई स्केच बरामद हुए हैं। उधर जांच में सामने आया कि कुछ दिन पहले किराए पर लिए गए ई रिक्शा पर वह लोन लेने का प्रयास कर रहा था। उसने बाकायदा फॉर्म भी भर दिया था। तभी लोन देने वाली कंपनी के कर्मचारी ई रिक्शा के मालिक हिमांशु के पास पहुंच गए थे। तब पता चला कि सागर उनके ई रिक्शा पर लोन लेने वाला था।
घटना के बाद से सागर के परिजन सहमे हुए हैं। जिस मकान में उनका कमरा है, उसी में सागर के नाना-नानी भी रहते हैं। सागर की मां रानी, पिता रोशनलाल व बहन माही घटना के बाद से नाना-नानी के यहां ही रह रही थीं। शनिवार को वह सभी अपने कमरे में गए। रानी गम में डूबी हैं। वह दिनभर रुक-रुककर रोती रहीं। बेटी माही उन्हें ढाढ़स बंधाती रहीं। वह सभी इसलिए भी परेशान हैं, क्योंकि मकान मालिक कमरा खाली करने का दबाव बना रहे हैं।