दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों को प्रदेश सरकार दोगुना राशन देने जा रही है। यह राशन आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन वाले बच्चों के अलावा छह वर्ष तक के बच्चों को ‘स्नेह शिविर’ के माध्यम से दिया जाएगा।
यह स्कीम कुपोषण से बच्चों को बचाने के लिए शुरू की जा रही है। दिमागी बुखार से प्रभावित 20 जिलों में यह योजना लागू होगी।
पूर्वांचल के जनपदों में हर साल दिमागी बुखार से सैकड़ों बच्चों की जान चली जाती है। इसे देखते हुए सरकार ने ऐसे कुपोषित बच्चों को दोगुना पोषाहार देने की योजना बनाई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले इस पोषाहार में काफी पोषक तत्व होते हैं। ऐसे में इन बच्चों को पोषाहार की अतिरिक्त मात्रा दी जाएगी।
बीमारी से पीड़ित वे बच्चे जो आंगनबाड़ी केंद्र आने में असमर्थ हैं उनकी सूची बनाकर उनके घर राशन पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने सभी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों का विशेष खयाल रखा जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारियों को बीमारी के कारण कुपोषित हो चुके शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों को दोगुना पोषाहार देने के लिए ‘स्नेह शिविर’ लगाने की तैयारी करने के लिए कहा गया है।
इन जिलों में चलेगी योजना
आजमगढ़, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, बहराइच, देवरिया, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी, महराजगंज, मऊ, रायबरेली, संतकबीरनगर, सहारनपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर व सीतापुर।