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बाइक स्टंट के शौक ने ली रिटायर्ड इंजीनियर के इकलौते बेटे की जान

Fri, 31 Mar 2017 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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प्रतीक (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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लखनऊ में गोमतीनगर के अंबेडकर पार्क के पास बृहस्पतिवार देर शाम बाइक से स्टंट कर रहे रिटायर्ड इंजीनियर के एकलौते बेटे प्रतीक वर्मा की मौत हो गई। प्रतीक अपने दोस्तों के साथ तेज गति से बाइक दौड़ाते हुए 1090 चौराहे की तरफ जा रहा था।
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रास्ते में आई बच्ची को टक्कर मारते हुए वह आगे बढ़ गया। इसके बाद उसकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। प्रतीक हेलमेट नहीं पहने था। उसका सिर डिवाइडर से टकराकर फट गया।

मौके पर ही उसकी मौत हो गई। राहगीरों से सूचना पाकर आई पुलिस प्रतीक को लोहिया अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, बच्ची के पैर में फ्रैक्चर हो गया। बच्ची के परिवारीजन उसे अस्पताल ले गए।
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सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने बताया कि हादसा रात करीब आठ बजे के आसपास हुआ था। उस वक्त पुलिस की टीमें पैदल गश्त कर रही थीं, तभी स्टंट बाइकर के घायल होने की सूचना आ गई।

पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक को डिवाइडर पर लहूलुहान पड़ा पाया। युवक की पहचान गाजीपुर थाना क्षेत्र के हरिहरनगर निवासी मिलेट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज से रिटायर्ड इंजीनियर अरविंद पटेल के एकलौते बेटे 22 वर्षीय प्रतीक के रूप में हुई।
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हेलमेट लगाया होता तो शायद बच जाती जान

डेमो
दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही प्रतीक के परिवारीजन, रिश्तेदार, परिचित व दोस्त लोहिया अस्पताल पहुंच गए। प्रतीक का शव देखते ही उसकी मां बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिवारीजनों ने उन्हें किसी तरह उन्हें संभाला।

पुलिस ने बताया कि प्रतीक काफी तेज रफ्तार से बाइक चला रहा था तभी वाहन बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गया। उधर, राहगीरों ने बताया कि प्रतीक की बाइक एक बच्ची से टकराने के बाद बेकाबू हुई थी।

हालांकि, सीओ ने बच्ची के बारे में जानकारी से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर गई थी लेकिन कोई बच्ची वहां नहीं मिली। न ही इस संबंध में किसी ने थाना में कोई शिकायत दर्ज कराई है।

प्रतीक को बाइक का काफी शौक था। वह बाइक से रेस लगाता था। परिवारीजनों को इस बात की जानकारी थी इसीलिए उन्होंने उसे साधारण बाइक दिलाई थी। बीते वर्ष प्रतीक ने पिता से जिद करके स्पोर्ट्स बाइक ली थी।

प्रतीक का शव देखकर उसकी मां ने यही कहा कि अगर बेटा हेलमेट लगाए होता तो शायद जान बच जाती। प्रतीक दिल्ली में मॉडल पब्लिक स्कूल से इंटर की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई से पीछा छुड़ाने के लिए वह बीते वर्ष दिल्ली से लखनऊ आ गया और आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए इनकार कर दिया।

प्रतीक के साथियों ने बताया कि वह सुबह से देर शाम तक जनेश्वर मिश्र पार्क वाले पुल से वीमेन पॉवर लाइन पुल के बीच बाइक दौड़ाता रहता था। अक्सर शाम को यह लोग अंबेडकर पार्क, मरीन ड्राइव और वीमेन पॉवर लाइन चौराहा पर स्टंट करते थे।
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