कानपुर की गीतानगर क्रासिंग के पास सोमवार सुबह छात्र हर्ष जायसवाल ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। जीआरपी का कहना है कि ट्रेन की आवाज सुनकर डरे न और दिमाग न डायवर्ट हो, इस कारण वह कान में मोबाइल की लीड लगाकर पटरी पर लेट गया।
कुछ देर बाद वहां से गुजरी लखनऊ-जयपुर एक्सप्रेस उसके दो टुकड़े करती हुई चली गई। हर्ष (18) ग्वालटोली निवासी कबाड़ कारोबारी अनिल जायसवाल का बड़ा बेटा था।
वह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही काकादेव में कोचिंग कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। पिता ने बताया कि हर्ष सुबह कोचिंग के लिए घर से निकला था। करीब 8 बजे पुलिस ने उन्हें हर्ष की मौत सूचना दी।
हर्ष का शरीर कमर से दो हिस्सों में कट गया था। उनका कहना है कि हर्ष की हादसे में मौत हुई या खुदकुशी कुछ कहा नहीं जा सकता।
उधर, जीआरपी का कहना है कि हर्ष के पास मिले कोचिंग के परिचय पत्र से उसकी पहचान हुई थी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो हर्ष के कान में लीड लगी थी। उसका शव देखकर मामला खुदकुशी का लग रहा है। हादसे में अमूमन कमर से शरीर के दो टुकड़े नहीं होते हैं।