सरायइनायत इलाके के कसेरूआ खुर्द गांव में एक प्रेमी युगल ने प्यार पर पाबंदी लगाए जाने पर मौत गले लगा ली। शनिवार रात प्रेमिका ने जहर खा लिया। दो दिन बाद ही उसका ब्याह होना था।
प्रेमिका की मौत की जानकारी मिलने पर रविवार सुबह प्रेमी ने भी जहर निगलकर आत्हमत्या कर ली। उन दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि पुलिस को सूचना दिए बिना शवों को दफना दिया गया।
कसेरूआ खुर्द गांव की लीला और पड़ोस में रहने वाले सुरेश (दोनों नाम काल्पनिक) के बीच इधर साल भर से प्रेम संबंध था। वे चोरी-छिपे मिलते थे। हालांकि उनका इश्क गांव वालों की नजर से छिपा नहीं रह सका।
प्रेमी-प्रेमिका की खुदकुशी से गांव में मचा हडकंप
फिर इसकी भनक उनके परिवार के लोगों को लगी तो वे आग बबूला हो गए। उन पर पहरा बैठा दिया गया ताकि वे मिलने नहीं पाएं। साथ ही लीला के परिजनों ने उसका विवाह तय कर दिया। कुछ माह पहले सगाई हुई फिर तिलक हो गया। दो रोज बाद ही बारात आनी थी।
लीला के घर में तमाम रिश्तेदार भी जुट गए थे। इस वजह से दोनों कसमसा रहे थे। लीला ने मर्जी के खिलाफ शादी का विरोध किया मगर उसे शांत करा दिया गया। शनिवार रात उसने जहर खा लिया। उसे निकट के अस्पताल ले जाया गया लेकिन जान नहीं बची।
प्रेमिका की मौत के बारे पता चलने पर सुरेश ने भी रविवार सुबह जहर निगल लिया। उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया लेकिन सुरेश ने दम तोड़ दिया। पहले प्रेमिका लीला फिर प्रेमी सुरेश की मौत ने गांव वालों को स्तब्ध कर दिया।
6 महीने पहले दोनों भागे थे घर से
गांव वालों से बातचीत में पता चला कि लीला और सुरेश एक-दूसरे से बेपनाह मोहब्बत करते थे। वे साथ जीवन गुजारना चाहते थे। उन दोनों ने अपने-अपने घर में इस बारे में साफतौर पर बता भी दिया था।
जब प्रेम के परवानों पर परिजनों ने पहरा बैठाया तो वे दुनिया की परवाह किए बगैर तकरीबन छह माह पहले घर से फरार हो गए। इससे दोनों के परिजनों में खलबली मच गई।
लोकलाज के भय से परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को भी नहीं दी। परिजनों ने उन्हें बाद में शहर के रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। तभी लीला के परिजनों ने उसके जल्द ब्याह की ठान ली।