केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए अब बाउंसर की मदद ली जाएगी। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन ने चार बाउंसर तैनात करने का फैसला किया है।
हर शिफ्ट में चार-चार बाउंसर की तैनाती के लिए प्रस्ताव केजीएमयू प्रशासन को भेजा गया है।इससे ट्रॉमा सेंटर में व्यवस्था को सुधारने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों को लेकर अब उनके परिवारीजनों को विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा। रेफरल भेजने पर संबंधित चिकित्सक को बेड तक आना होगा। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के नए प्रभारी डॉ. सुरेंद्र कुमार मरीजों से जुड़ी सेवाओं को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत अब मरीजों और उनके परिवारीजनों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक मरीज को यदि सर्जरी विभाग में भर्ती कराया जाता था तो उसके परिवारीजनों को न्यूरो सर्जरी, आर्थोपेडिक या अन्य विभागों में रेफरल स्लिप लेकर स्वयं जाना पड़ता था। डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक मरीजों को ले जाने में दिक्कतें होती थी।