रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा एक और दो के 40 हजार बच्चों को किताबों के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किताबों की आपूर्ति बृहस्पतिवार को शुरू हो गई। कक्षा एक और दो की 90 फीसदी किताबें आ गई हैं, जबकि बाकी किताबों और कार्यपुस्तिकाएं भी 15 जुलाई तक आ जाएंगी।
फिलहाल अब तक मिली किताबों को जल्दी बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सत्यापन के बाद ब्लाक संसाधन केंद्र तक पहुंचाने में एक हफ्ते का समय लगेगा। इसके बाद विद्यालयों तक किताबें पहुंचने लगेंगी और बच्चों को बांटी जाने लगेंगी। जिले में 2300 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जहां पढ़ने वाले कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की संख्या 1.98 लाख से अधिक है।
इनमें कक्षा तीन से आठ तक के बच्चों के लिए किताबें सभी विद्यालयों तक पहुंचने के बाद उन्हें बांट दिया गया, लेकिन कक्षा एक और दो के 40 हजार बच्चों को किताबें नहीं मिली हैं। वजह यह कि किताबों की आपूर्ति ही जिले को नहीं मिली थी। कक्षा एक में 94 हजार 904 और कक्षा दो में एक लाख 53 हजार 269 पाठ्य पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं की जरूरत है, जिसके लिए मई के अंत में क्रयादेश जारी कर दिया गया था। किताबों के लिए 45 दिन और कार्य पुस्तिकाओं के लिए 60 दिन का समय दिया गया था।
यानी कि 15 जुलाई से पहले शत-प्रतिशत पाठ्य पुस्तकें आनी हैं। इसीलिए पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलनी शुरू हो गई है। पहले चरण में कक्षा एक और दो की 79806 पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी गई हैं, जिनमें मृदंग-2, जॉयफुल मैथमेटिक्स-1, आनंदमय गणित-1, सारंगी-1, मृदंग-1, जॉयफुल मैथमेटिक्स-2, शहनाई-2, शहनाई-1, आनंदमय रियाजी-1, आनंदमय रियाजी-2 शामिल है। उर्दू और अंग्रेजी माध्यम की सभी किताबें आ गई हैं। हिंदी माध्यम में सारंगी-2 और आनंदमय गणित-2 की लगभग 45 हजार पाठ्य पुस्तकें आनी बाकी हैं। दोनों कक्षाओं की कार्यपुस्तिकाओं की आपूर्ति भी अभी नहीं मिली है। शत-प्रतिशत आपूर्ति 15 जुलाई तक मिलेगी।
कक्षा एक और दो की किताबों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अंग्रेजी और उर्दू माध्यम की सभी किताबें मिल गई हैं। हिंदी माध्यम में सिर्फ दो किताबें आनी बाकी हैं। किताबों का सत्यापन कार्य जल्द पूरा कराकर वितरण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
-डॉ. संजीव गुप्ता, जिला समन्वयक (सामुदायिक)