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UP: नेताओं की रेकी, रेलवे सिग्नल, गैस सिलिंडरों के ट्रक, यूपी के ये शहर थे आतंकी निशाने पर; दहलाने का था प्लान

Sat, 04 Apr 2026 08:14 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी एटीएस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है। टीम ने चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी राजधानी में विस्फोट और आगजनी की साजिश रच रहे थे। पाकिस्तानी हैंडलर और आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे।
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यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किए चार संदिग्ध - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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यूपी एटीएस को बड़ी कामयाबी मिली है। यूपी एटीएस ने लखनऊ में धमाके की साजिश नाकाम करते हुए चार संदिग्ध गिरफ्तार किए हैं। पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारों पर काम करने वाले आतंकी मॉड्यूल के निशाने पर लखनऊ, गाजियाबाद और अलीगढ़ थे। मॉड्यूल पहले इन शहरों में वारदातों को अंजाम देकर माहौल में भय पैदा करता, उसके बाद अन्य शहरों को निशाना बनाता। 
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एटीएस की पूछताछ में यह पूरी साजिश खुद आरोपियों ने कबूल की। एटीएस को मिली जानकारी के आधार पर आगे की तफ्तीश जारी है। प्रदेश के कई बड़े नेता गिरोह के निशाने पर थे। एटीएस को नेताओं के नाम भी आरोपियों ने बताए हैं। इसमें कई नेता अहम पदों पर हैं। 

आरोपियों ने इन नेताओं की रेकी की थी। पाकिस्तानी हैंडलर्स इनको जैसे आदेश देते, वैसे ये उसको अंजाम देते। आरोपी जिन सोशल मीडिया एकाउंट के जरिये जुड़े थे, उनमें ओसामा बिन लादेन, फरुतुल्ला गोरी, कश्मीर मुजाहिद्दीन, गजवा-ए-हिंद जैसे ग्रुप शामिल थे। इनमें धार्मिक द्वेष फैलाकर देश के माहौल बिगाड़ने की साजिश के भी सुबूत चैट, वीडियो के तौर पर मिले हैं।

लखनऊ में धमाके की साजिश नाकाम, चार संदिग्ध गिरफ्तार
यूपी एटीएस ने लखनऊ में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपी राजधानी में विस्फोट और आगजनी की साजिश रच रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, चारों आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर व आईएसआई से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे।

 

एटीएस के मुताबिक, आरोपियों का सबसे पहला निशाना लखनऊ रेलवे स्टेशन था। सूचना मिलने के बाद टीम ने बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचकर चारों को गिरफ्तार कर लिया और बड़ी घटना होने से पहले साजिश नाकाम कर दी।

 

जांच में सामने आया है कि आरोपी देशभर में रेलवे सिग्नल बॉक्स उड़ाकर ट्रेनों को पटरी से उतारने या आपस में टकराने जैसी घटनाएं कराना चाहते थे। इसके अलावा गैस सिलिंडर से भरे ट्रकों और प्रतिष्ठित संस्थानों में आग लगाकर बड़े स्तर पर नुकसान और अफरातफरी फैलाने की साजिश रच रहे थे। 

 

आरोपी कई नेताओं की भी रेकी कर रहे थे। एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के अनुसार मेरठ (अगवानपुर परीक्षितगढ़) निवासी साकिब उर्फ डेविल इस गिरोह का सरगना है। वह टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और सिग्नल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये पाकिस्तानी हैंडलरों व कट्टरपंथी संगठनों से संपर्क में था। 

उसका साथी अरबाब भी मेरठ (अगवानपुर परीक्षितगढ़) नेटवर्क में सक्रिय था। दोनों ने गौतमबुद्धनगर (छपरौला) के विकास उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा। मुख्य आरोपी साकिब नाई का काम करता है।
 

ये हुई बरामदगी
आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ, सात मोबाइल फोन, पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

 
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पहले भी अंजाम दे चुके थे छोटी घटनाएं
एटीएस की जांच में पता चला है कि आरोपी पहले छोटी आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे और उनके वीडियो बनाकर विदेशी हैंडलरों को भेजते थे।
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