जानवरों का पीछा करते हुए वह तुर्का तालाब की तरफ चला गया। तालाब के किनारे उसका पैर पत्तियों के ढेर पर पड़ा और तेज धमाका हो गया। धमाका, धुआं और चीखें सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग दौड़े।
खून से लथपथ बेसुध अखिलेश को उठाकर मोहनलालगंज सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। अखिलेश की हालत नाजुक बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि पत्तियों के नीचे किसी ने बम छिपाकर रखा था।
अखिलेश का पैर पड़ते ही बम फट गया। उन्होंने बम रखने के पीछे किसी साजिश की आशंका जताई है। हालांकि, अखिलेश और उसके पिता मोलहे राम ने गांव में किसी प्रकार की रंजिश अथवा विवाद की बात से इनकार किया है।