डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान।
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी के ट्राएज क्षेत्र स्थित टॉयलेट में सोमवार सुबह नवजात शिशु का शव मिला। बताया जा रहा है कि शिशु हाल ही में पैदा हुआ था। सफाई के दौरान कर्मचारी की नजर शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही इमरजेंसी के डॉक्टर और अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
नवजात को टॉयलेट में किसने और कब छोड़ा, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस इमरजेंसी और ट्राएज क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इससे नवजात को टॉयलेट में लाने वाले व्यक्ति और उसके वहां पहुंचने के समय का पता लगाने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नवजात का जन्म संस्थान में हुआ था या उसे बाहर से लाकर यहां छोड़ा गया। मौत के कारण और समय का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चलेगा।
संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि टॉयलेट में नवजात का शव मिला था। पुलिस को जानकारी दी गई और शव उसके सुपुर्द कर दिया गया।
सफाईकर्मियों ने लगाया पिटाई का आरोप
संस्थान की इमरजेंसी के टॉयलेट में नवजात का शव मिलने के मामले में सोमवार शाम को नया आरोप सामने आया। सुबह शव देखने वाले कुछ सफाईकर्मियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि घटना की जानकारी सार्वजनिक करने पर संस्थान के सुरक्षाकर्मी उन्हें प्रशासनिक भवन ले गए और लाठी-डंडों से पिटाई की। सफाईकर्मियों ने गाली-गलौज और अभद्रता करने के साथ नौकरी से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। देर रात तक सफाईकर्मियों के बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होता रहा। अमर उजाला वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। इस संबंध में संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई।