लखनऊ। सुल्तानपुर के ज्ञानीपुर शिवगढ़ निवासी कैब चालक मो. गुलफाम अहमद का शव दो माह बाद बुधवार को देवा इलाके में मिला। शव कई दिन पुराना होने की वजह से सड़ चुका था। कपड़ों से शव की पहचान की गई। चिनहट पुलिस कैब चालक के अपहरण के मामले में आरोपी चिनहट मटियारी निवासी समीर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुर्कुट ने बताया कि आरोपी समीर से अहम जानकारी मिली थी। इसी आधार पर चिनहट पुलिस की टीम शव की तलाश में बाराबंकी में डेरा डाले हुए थी। बुधवार को देवा इलाके में एक युवक का शव झाड़ियों में मिलने की सूचना मिली। खबर पाकर चिनहट पुलिस वहां पहुंची। शव पूरी तरह सड़ चुका था। शरीर पर मौजूद कपड़ों से शव की पहचान चालक गुलफाम के रूप में की गई।
एडीसीपी ने बताया कि शव की सही पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इस मामले में दर्ज अपहरण की एफआईआर में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। नामजद आरोपी सगे भाई बाराबंकी हुसैनमऊ निवासी आदिल और साहिल की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस के सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने आरोपी साहिल को हिरासत में ले रखा है। उससे पूछताछ की जा रही है। शव की बरामदगी में साहिल से काफी अहम जानकारी पुलिस को मिली थी।
यह है पूरी घटना
मो. गुलफाम अहमद 22 मई को गोरखपुर से अर्टिगा कार लेकर लखनऊ के लिए निकले थे। इसके बाद वह घर नहीं पहुंचे। काफी तलाश के बावजूद उनका कुछ पता नहीं चला। गोरखपुर निवासी वाहन मालिक शंकर ने बासगांव थाने में गुलफाम की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद परिजनों ने दो जून को चिनहट थाने में गुलफाम के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। गुलफाम के भाई इश्तियाक के अनुसार, कुछ दिन पहले उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। फोनकर्ता ने बताया कि गुलफाम को बाराबंकी हुसैनमऊ निवासी आदिल, उसके भाई साहिल, चिनहट के कंचनपुर मटियारी निवासी समीर और उनका एक साथी जबरन अपने साथ ले गए थे। फोन आने के बाद इश्तियाक ने सभी के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी।