लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में कुलपति और कुलसचिव के बीच प्रशासनिक खींचतान थम नहीं रहा। कुलसचिव अर्चना गंगवार के जारी एक और आदेश को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने रद्द कर दिया है। लगातार दूसरी बार ऐसा होने से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
कुलसचिव ने चार जुलाई को फार्माकोलॉजी विभाग की वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शिखा त्रिपाठी का दूसरे विभाग में तबादला किया था। कुलपति ने 20 जुलाई को यह आदेश निरस्त कर दिया। इससे पहले डिप्टी रजिस्ट्रार की शक्तियां सीज करने वाला आदेश भी रद्द किया जा चुका है। इस पर, कुलसचिव ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। उनका कहना है कि प्रशासनिक आदेशों के बार-बार निरस्त होने से विश्वविद्यालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
पहले भी उठ चुका है विवाद
इससे पहले तत्कालीन वित्त अधिकारी विनय कुमार राय भी शासन को पत्र लिखकर वित्तीय मामलों से जुड़े आदेश निरस्त करने का मुद्दा उठा चुके हैं। अब नया मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे और समन्वय को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है।