स्थानीय निकाय निदेशालय ने संबधित निकायों को पिछले तीन माह में कई रिमाइंडर भेजा है। फिर भी ब्योरा नहीं भेजा गया। इस पर निदेशालय ने नोटिस जारी कर तत्काल सूचना भेजने का आदेश दिया है।
शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाले दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क का हिसाब 504 नगर निकायों के पास नहीं है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने संबधित निकायों को पिछले तीन माह में कई रिमाइंडर भेजा है। फिर भी ब्योरा नहीं भेजा गया। इस पर निदेशालय ने नोटिस जारी कर तत्काल सूचना भेजने का आदेश दिया है। इसमें यह भी कहा गया है कि अगर समय से जानकारी नहीं भेजी गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल सरकार के स्तर से स्टांप शुल्क की 2 फीसदी राशि हर वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों के लिए रखा जाता है। जिले के डीएम, मेयर, चैयरमैन व अधिकारी मिलकर तय करते हैं कि इसमें से कितनी रकम शहरी निकायों, विकास प्राधिकरणों या अन्य विभागों को दी जानी है। इस मद से नगर निकायों को अगले साल की धनराशि तभी जारी होती है, जब निकाय पिछले वर्ष में दी र्गई राशि का हिसाब शासन को उपलब्ध कराते हैं। लेकिन 504 निकायों ने पिछले वित्तीय वर्ष में दी गई राशि का हिसाब अब तक नहीं दिया है। इससे मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस मद की राशि अब तक जारी नहीं हो पाई है।
लखनऊ समेत कुल 504 निकायों ने नहीं दी सूचना
स्थानीय निकाय निदेशालय के मुताबिक जिन नगर निकायों ने हिसाब नहीं दिया है, उनमें लखनऊ समेत कुल 13 नगर निगम, 151 नगर पालिका परिषद और 340 नगर पंचायतें शामिल हैं। नगर निगमों में अयोध्या, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, मथुरा, सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद व अलीगढ़ शामिल हैं।