बख्शी का तालाब। इटौंजा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मंगलवार दोपहर नाविकों ने अपनी मजदूरी न मिलने पर नावों का संचालन दो घंटे के लिए बंद कर दिया। इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। बाद में लेखपाल और ग्रामीणों के समझाने के बाद नाविक माने।
बख्शी का तालाब तहसील प्रशासन ने नाव और खेवनहार के लिए प्रतिदिन 2000 रुपये किराया तय किया है। नाविकों राजकुमार, करन समेत 10 लोगों का आरोप है कि यह किराया अभी तक नहीं मिला है। अगस्त में आठ और सितंबर में 12 नावें अकड़रिया, लासा, सुल्तानपुर, बहादुरपुर और हीरापुरवा गांवों के लिए चल रही हैं। नाविकों को एक से सवा घंटे तक पांच से 20 फीट गहरे पानी में नाव चलानी पड़ती है।
बाढ़ से इन गांवों में धान, भिंडी और बैंगन जैसी फसलें डूब गई हैं। एक किसान ने बताया कि उनका छह फीट गहरे पानी में धान का खेत है। प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर दो दिन से बंद है। शिक्षकों ने स्कूल परिसर में जलभराव की गलत रिपोर्ट दी, जबकि वहां पानी नहीं है। खंड शिक्षाधिकारी प्रीती शुक्ला ने शिक्षकों की रिपोर्ट का हवाला दिया।
इटौंजा के गांवों में भरा पानी।
इटौंजा के गांवों में भरा पानी।
इटौंजा के गांवों में भरा पानी।