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Diabetes: खून की जांच बता देगी भविष्य में डायबिटीज का खतरा, केजीएमयू ने की जिम्मेदार जीन की पहचान

Wed, 28 Jan 2026 10:45 AM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ

सार

केजीएमयू ने टाइप-2 मधुमेह के विकास के लिए जिम्मेदार जीन की पहचान की है। इसके साथ ही बीमारी के खतरे के साथ ही दवाओं के प्रभाव का भी आकलन हो सकेगा।
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- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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डायबिटीज जीवनशैली से जुड़ी बीमारी मानी जाती है, लेकिन कुछ हद तक यह आनुवांशिक भी है। केजीएमयू ने खून में मौजूद ऐसे जीन की पहचान की है, जो टाइप 2 मधुमेह के लिए जिम्मेदार होता है।

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जनवरी 2022 से दिसंबर 2023 के बीच हुआ यह अध्ययन सुल्तान कबूस मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें डॉ. जोया शाकिर, डॉ. कौसर उस्मान, डॉ. डी हिमांशु और डॉ. वाहिद अली शामिल रहे। अध्ययन में टाइप 2 मधुमेह के 60 रोगी और 40 स्वस्थ व्यक्तियों को शामिल किया गया। उम्र के अलावा सभी का बॉडी मास इंडेक्स और मधुमेह का पारिवारिक इतिहास लगभग एक जैसा था। रोगी समूह की औसत उम्र 55 और सामान्य वर्ग की 43 वर्ष थी।

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दोनों समूह के खून के सैंपल लेकर उसमें तीन विशिष्ट एकल न्यूक्लियोटाइड बहुरूपता पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें पाया गया कि आरएस 2028299 जीन डायबिटीज के साथ जुड़ा था। इन जीनोटाइप का विश्लेषण पॉलीमरेज चेन रिएक्शन और सैंगर सीक्वेंसिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग करके किया गया। कोविड-19 की जांच में इसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
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बीमारी के खतरे के साथ ही दवाओं के प्रभाव का भी हो सकेगा आकलन
डॉ. कौसर उस्मान ने बताया कि डायबिटीज वाले जीन की पहचान होने पर बीमारी का खतरा पहले से पता चल सकेगा। ऐसा होने पर व्यक्ति को पहले से ही जीवनशैली में सुधार और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी जा सकती है। आने वाले समय में इसकी सहायता से व्यक्ति विशेष पर कारगर दवाओं का पता भी लगाया जा सकेगा।

देश में करीब 15 करोड़ मरीज
अध्ययन के मुताबिक, देश में डायबिटीज के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस समय देश में डायबिटीज के करीब सात लाख 40 हजार मरीज हैं। इसके अलावा करीब सात लाख से ज्यादा मरीज प्री-डायबिटीज की श्रेणी में भी हैं।

मधुमेह के लिए जोखिम के कारक
पुरुष, अधिक उम्र, बॉडी मॉस इंडेक्स, मधुमेह का पारिवारिक इतिहास, कम शारीरिक गतिविधि, कमर की मोटाई ज्यादा होना, तनाव, अवसाद।

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