बचपन हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ ने सावधानी न बरती होती तो 14 दिन के नवजात को एक सप्ताह पहले एक्सपायर हुआ खून चढ़ा दिया जाता।
ये खून बच्चे के परिवारीजन टेढ़ी पुलिया के पास स्थित मेडिसन हॉस्पिटल के ब्लड बैंक और कंपोनेंट सेंटर से लाए थे।
डॉक्टर ने खून खराब होने की जानकारी परिवारीजनों को दी तो उन्होंने ब्लड बैंक पहुंचकर संचालकों को आड़े हाथों लिया।
हंगामे के बाद मेडिसन हॉस्पिटल के प्रबंधन ने एक्सपायर खून वापस लिया और उसे सही खून दिया।
महमूदाबाद निवासी महेश रस्तोगी ने 14 दिन के नवजात बच्चे को सोमवार रात गुडंबा के बचपन अस्पताल में भर्ती कराया था।
मंगलवार सुबह उन्हें बाल रोग विशेषज्ञ ने खून लाने के लिए कहा।
निमोनिया और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चे के लिए खून लेने के लिए महेश रस्तोगी टेढ़ी पुलिया रिंग रोड स्थित मेडिसन हॉस्पिटल पहुंचे।
सुबह लगभग 10 बजे उन्होंने 400 रुपये भुगतान कर ओ पाजिटिव ग्रुप का खून लिया और वापस बचपन हॉस्पिटल पहुंच गए।
महेश ने बताया कि खून लेकर वो बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। तो उन्होंने जांच में पाया गया कि ब्लड बैग पर 17 जुलाई 2014 स्टिकर लगा है।
उसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। डॉक्टर ने महेश को खून के खराब होने की जानकारी दी और उसे तुरंत वापस करने के लिए कहा।
खून के एक्सपायर होने की जानकारी मिलने के बाद परिवारीजनों की हालत खराब हो गई।
वो तुरंत वापस ब्लड बैंक पहुंचे और खराब खून देने की शिकायत की। पहले तो ब्लड बैंक संचालकों ने उन्हें टालने की कोशिश की।
लेकिन जब परिवारीजनों ने हंगामा किया तो उन्होंने खून बदल दिया।
महेश रस्तोगी ने बताया कि उनके बच्चे की हालत गंभीर है। यदि डॉक्टर ने खून की एक्सपायरी डेट नहीं देखी होती तो उसे कुछ भी हो सकता था।
महेश ने कहा कि इस बारे में वो सीएमओ के पास लिखित शिकायत करेंगे।
उधर मेडिसन हॉस्पिटल के मोबाइल नंबर 9389893307 पर फोन करने पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को फार्मेसिस्ट कौशल बताया।
साथ ही अस्पताल के संचालक डॉ. फैजान के न होने की बात कही। कौशल ने खराब खून देने की जानकारी होने से इनकार किया है।