एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों में कंबल का इस्तेमाल अस्थमा की वजह बन रहा है। बचपन में एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध इस्तेमाल भी बच्चों और किशारों को इस बीमारी का शिकार बनाता है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं में पैरासिटामॉल के सेवन से भी उनके होने वाले बच्चे में अस्थमा का खतरा रहता है। ये चौंकाने वाले निष्कर्ष ग्लोबल अस्थमा नेटवर्क के नए शोध में सामने आए हैं। शोध में लखनऊ समेत देश के नौ शहरों के कुल 1.27 लाख बच्चे, किशोर और वयस्क शामिल थे।
लखनऊ में शोध कार्य की अगुवाई केजीएमयू में पीडियाट्रिक विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. शैली अवस्थी ने की। उन्होंने बताया कि अध्ययन में देश भर में अस्थमा के प्रभाव और उसके जिम्मेदार कारकों की पहचान की गई। अध्ययन में 20,084 बच्चे, 25,887 किशोर और 81,296 वयस्क शामिल थे।