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अश्लील फोटो के लिए ऐसे होता था लड़कियों का इंतजाम

Fri, 12 Jun 2015 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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लखनऊ में एड फिल्म में मॉडलिंग के नाम पर लड़कियों की अश्लील तस्वीरें खींचीं जा रही थी। विकासनगर के बालाजी कॉम्प्लेक्स स्थित जिस फोटो फ्रेम स्टूडियो में युवतियों की अश्लील फोटो खींची जा रही थीं। इस मामले में दो फोटोग्राफर्स और एक सिपाही का नाम सामने आया था।
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पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि अश्लील फोटो शूट के लिए मॉडल का इंतजाम एक लड़की करती थी। यह लड़की सुभाष सिन्हा के गैंग की सदस्य है या अन्य लड़कियों की तरह ब्लैकमेलिंग का शिकार है?

कहीं सुभाष सिन्हा ने इस लड़की की भी अश्लील फोटो खींचकर उसे दूसरी लड़कियां लाने के लिए मजबूर तो नहीं किया? यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है। महानगर पुलिस सूत्रों का कहना है कि लड़की के मोबाइल नंबर बंद हैं।
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स्टूडियो का मालिक गिरफ्तार,घर की हुई तलाशी

एड फिल्म में मॉडलिंग के नाम पर विकासनगर के बालाजी कॉम्प्लेक्स स्थित जिस फोटो फ्रेम स्टूडियो में युवतियों की अश्लील फोटो खींची जा रही थीं,उसके मालिक गुड्डू राजपूत को छोटे भाई नवीन सहित बृहस्पतिवार शाम महानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर महानगर संजय नाथ तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने स्टूडियो मालिक के विकासनगर कन्हैयापुरवा स्थित घर की तलाशी ली।

यहां से पुलिस ने कंप्यूटर व अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि कंप्यूटर की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। देर रात तक दोनों आरोपियों से महानगर थाना में पूछताछ चल रही थी।

एसटीएफ ने बीते मंगलवार को अश्लील फोटो खींचकर ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाने वाली एक युवती की शिकायत पर गुडंबा निवासी सुभाष सिन्हा को गिरफ्तार करके स्टूडियो सील कर दिया था।

छानबीन में पता चला कि स्टूडियो का मालिक गुड्डू राजपूत है। सुभाष के साथी फोटोग्राफर मयंक श्रीवास्तव के बारे में पुलिस कुछ पता नहीं लगा सकी है।

500 रुपये प्रति घंटा किराए पर देता था स्टूडियो

गुड्डू राजपूत ने बताया कि वह अपना स्टूडियो 500 रुपये प्रति घंटा पर सुभाष सिन्हा को किराए पर देता था। सुभाष स्टूडियो में क्या करता था? इस बारे में उसने जानकारी से इन्कार किया।

गुड्डू ने बताया कि सुभाष खुद को मॉडलिंग फोटोग्राफर बताता था। वह कई बार मयंक श्रीवास्तव के साथ उसके स्टूडियो आया। उसने गुड्डू से स्टूडियो के इंटीरियर की तारीफ करते हुए मॉडलों के फोटो शूट करने के बारे में बातचीत की तो वह 500 रुपये प्रति घंटा किराए पर राजी हो गया।

गुड्डू ने बताया कि अक्सर सुभाष उसे फोन कर स्टूडियो खाली करने के लिए कहता था। सुभाष के मॉडल लेकर आने के बाद वह स्टूडियो से बाहर चला जाता था।
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स्टूडियो में मिले सैकड़ों अश्लील फोटो

इंस्पेक्टर ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर फोटो फ्रेम स्टूडियो की तलाशी ली गई तो भारी मात्रा में मेमोरी कार्ड, चिप और अश्लील फोटो मिलीं। इन्हें कब्जे में ले लिया गया है। मेमोरी कार्ड और चिप जांच के लिए साइबर सेल व फॉरेंसिक एक्सपर्ट को दिए गए हैं।

सुभाष सिन्हा अपने साथी मयंक श्रीवास्तव और क्राइम ब्रांच के सिपाही रूपेंद्र शर्मा के साथ मिलकर कहीं सेक्स रैकेट तो नहीं चला रहा था?

जैसे-जैसे पुलिस की छानबीन आगे बढ़ती जा रही है, यह आशंका प्रबल होने लगी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुभाष सिन्हा खुद को एक मैगजीन का संपादक भी बताता था। दो साल पहले उसने हजरतगंज में एक सेक्स रैकेट पकड़वाया था तभी सिपाही रूपेंद्र शर्मा से मुलाकात हुई।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि सुभाष के राजधानी में सेक्स रैकेट चलाने वाली कई महिलाओं से संपर्क हैं। हो सकता है कि एड फिल्मों और मॉडलिंग की आड़ में लड़कियों की अश्लील फोटो खींचकर वह उन पर जिस्मफरोशी का दबाव डालता था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक,उसने कई लड़कियों को बदनामी का भय दिखाकर वेश्यावृत्ति कराई है। महानगर पुलिस ने कई लड़कियों से संपर्क कर इस बारे में पूछताछ की है।
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