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ब्लैक फंगस : यूपी में 550 से अधिक मरीज आए चपेट में, अब तक 22 की मौत

Mon, 24 May 2021 01:03 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/चंद्रभान यादव 

सार

ब्लैक फंगस की बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और इंजेक्शन की कमी इन मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। लखनऊ समेत कई शहरों में मरीजों के तीमारदार इंजेक्शन के लिए भटक रहे हैं।
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ब्लैक फंगस - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ब्लैक फंगस का संक्रमण अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों में ही नहीं, बल्कि नान कोविड और होम आइसोलेशन वाले मरीजों में मिल रहा है। ऐसे मरीज प्रदेश के कई अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इस बीमारी में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और इंजेक्शन की कमी इन मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। स्थिति यह है कि राजधानी समेत विभिन्न शहरों में मरीजों के तीमारदार इंजेक्शन के लिए भटक रहे हैं।

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प्रदेश में अब तक 550 से अधिक मरीज ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। रविवार को 44 नए मरीज मिले हैं। इसमें 13 लखनऊ में भर्ती हुए हैं। प्रदेश में अब तक 22 मरीजों की मौत हो चुकी है। एसजीपीजीआई में ब्लैक फंगस के अब तक 22 मरीज भर्ती हुए हैं। इसमें दो मरीज ऐसे हैं, जो कोरोना की चपेट में नहीं आए थे, लेकिन उनका शुगर लेवल अधिक रहता है। निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने बताया कि हाई शुगर लेवल वाले मरीजों को ज्यादा सावधान रहना होगा क्योंकि इनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। अंग प्रत्यारोपण कराने वाले और कैंसर वाले मरीजों को भी लक्षण दिखते ही तत्काल जांच करानी चाहिए।

होम आइसोलेशन में हैं तो बरतें सतर्कता, भाप लेने वाला पानी हर बाद बदलें
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक और संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि होम आइसोलेशन वाले मरीज भी इसकी चपेट में आए हैं। इसकी वजह है भाप लेने वाला पानी, ऑक्सीजन ट्यूब और मास्क की सफाई पर ध्यान ना देना। जिन लोगों का शुगर लेवल अधिक था और होम आइसोलेशन में रहते हुए स्टेराइड का प्रयोग किया, उनकी इम्युनिटी कमजोर हुई। होम आइसोलेशन वालों को साफ सफाई का विशेष ध्यान देना होगा। भाप लेने वाला पानी हर बार बदलना चाहिए।
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इंजेक्शन की कमी बड़ी चुनौती
ब्लैक फंगस की दवाओं और इंजेक्शन का सरकारी अस्पतालों में कुछ हद तक इंतजाम है, लेकिन निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार भटक रहे हैं। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लखनऊ में रेडक्रॉस सोसाइटी रविवार को सिर्फ 50 इंजेक्शन उपलब्ध करा पाई, जबकि डिमांड 720 की थी। इसी सोसाइटी को लखनऊ में इंजेक्शन वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। इसके चेयरमैन ओम प्रकाश पाठक ने मंडलायुक्त को पत्र भी लिखा है।

ग्रामीण इलाके वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
प्रदेश के 60 फीसदी से ज्यादा मरीज पोस्ट कोविड वाले हैं। ये मरीज या तो होम आइसोलेशन में रहे या ठीक होने के बाद गांव चले गए। लापरवाही बरतने के चलते ये ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए। जब तक वे अस्पताल पहुंचे ब्लैक फंगस साइनस तक पहुंच चुका था।

अगले सप्ताह से इंजेक्शन की भरपूर सप्लाई
ब्लैक फंगस के मरीजों को जल्दी से जल्दी चिह्नित करने के लिए नेत्र, नाक-कान-गला विभाग की ओपीडी शुरू कर दी गई है। दवा और इंजेक्शन की व्यवस्था कराई जा रही है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह से भरपूर सप्लाई हो जाएगी।
- डॉ. डीएस नेगी, स्वास्थ्य महानिदेशक

यहां लें ब्लैक फंगस के बारे में जानकारी
यदि ब्लैक फंगस के लक्षण हैं तो तत्काल जिला अस्पताल की ईएनटी ओपीडी में दिखाएं। जिले के कोविड कमांड सेंटर में भी फोन कर सकते हैं। टोल फ्री हेल्पलाइन 18001805145 पर सलाह ले सकते हैं। लखनऊ के निवासी हैं तो हेलो डॉक्टर सेवा में 0522-3515700 और कोविड कमांड कंट्रोल रूम लखनऊ 0522-4523000, 0522-2610145 पर भी जानकारी ले सकते हैं। 

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