भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव की हत्या को लेकर उसके बड़े भाई विकास श्रीवास्तव ने शनिवार को फेसबुक पर लाइव होकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जुआ-दारू को लेकर विवाद के बाद हत्या की बात गलत है। पुलिस ने पूरा मामला बदल दिया।
भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव हत्याकांड में परिजनों ने शनिवार को कई बड़े आरोप लगाए। दावा किया कि पिछले दो महीने से विनय का दोस्तों से कुछ विवाद चल रहा था। आपस में थोड़ी खटपट थी, जिससे दोस्ती में दरार पड़ चुकी थी।
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इसमें एक जमीन के विवाद को वजह बताया जा रहा है। आशंका है कि जमीन विवाद को लेकर अनबन हुई। साजिश के तहत विनय को मार दिया गया। परिजनों ने पहले ही खुलासा किया था कि विकास किशोर ने उसकी मां के नाम पर थार गाड़ी ली थी, जिसमें विधायक का पास भी लगा है।
दुबग्गा में हाईवे किनारे 6500 स्क्वॉयर फीट एक जमीन है, जिसमें विनय और अरुण उर्फ बंटी साझेदार थे। परिजनों ने बताया कि बेशकीमती जमीन विनय बेचना चाहते थे। बंटी इसका विरोध कर रहा था। इसे लेकर भी विवाद हुआ था।
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परिजन आशंका जता रहे हैं कि कहीं यही विवाद उसकी हत्या का कारण तो नहीं बना। हालांकि, अब तक पुलिस की कार्रवाई जेल भेजे गए तीन आरोपियों तक ही सीमित है। पुलिस की जांच में अब तक उनके खिलाफ ही साक्ष्य मिले। हत्या की वजह जुए को लेकर हुए विवाद को बताया जा रहा है।
आखिर...कहां से बरामद हो गए ताश के पत्ते
वारदात के बाद पुलिस से पहले विनय के परिजन मौके पर पहुंचे थे। विनय के भाई का कहना है कि जब वह घटनास्थल पर गए थे तब वहां ताश के पत्ते नहीं थे। जब पुलिस ने प्रेसवार्ता की तो ताश के पत्ते बरामद होने का दावा किया। ये गले नहीं उतर रहा। अगर वहां ताश के पत्ते थे तो उस दौरान क्यों नहीं मिले। इसे लेकर परिजन सवाल खड़े कर रहे हैं।
पंचनामा में सुसाइड की बात लिखी, परिजन भड़के
परिजनों ने बताया कि पंचायत नामा में सुसाइड की बात पुलिस ने लिख दी थी। इस पर भड़क गए थे। उनका कहना था कि आखिर पुलिस ने पहले से ही घटना को सुसाइड क्यों मान लिया था।
हालांकि एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा का कहना है कि पंचायतनामा फौरी तौर पर पांच लोगों की राय के आधार पर लिखा जाता है। जिसका हवाला देकर पोस्टमार्टम कराया जाता है। महत्वपूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। जिसके आधार पर कार्रवाई की जाती है।
साजिश रचकर मेरे भाई को मारा, पूरा मामला बदल दिया गया
उधर, भाजपा कार्यकर्ता विनय श्रीवास्तव की हत्या को लेकर उसके बड़े भाई विकास श्रीवास्तव ने शनिवार को फेसबुक पर लाइव होकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जुआ-दारू को लेकर विवाद के बाद हत्या की बात गलत है। पुलिस ने पूरा मामला बदल दिया।
साजिश रचकर उनके भाई को मारा गया। केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर का बेटा विकास किशोर भी साजिश का हिस्सा है। वहीं, पुलिस ने जिन दो साथियों सौरभ रावत व अरुण प्रताप सिंह बंटी के बारे में बताया था कि वे वारदात से पहले मंत्री के आवास से चले गए थे। विकास श्रीवास्तव ने उन दोनों पर भी वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है और एसआईटी गठित करने की मांग की है।
...जब सवाल उठे, तब जागे अफसर
इस हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया था कि विकास किशोर वारदात के वक्त दिल्ली में था। लेकिन, हत्या में उसकी लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। यह बात शुक्रवार सुबह ही साफ हो गई थी, लेकिन पुलिस ने तब विकास पर केस दर्ज नहीं किया। यहां तक कि प्रेसवार्ता में एडिशनल सीपी क्राइम आकाश कुलहरि ने केवल लाइसेंस निरस्तीकरण की बात कही थी। इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया तब शनिवार सुबह अफसर जागे और विकास पर केस दर्ज किया। एफआईआर दरोगा परवेज अहमद की तहरीर पर दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर भी लगा आर्म्स एक्ट
पुलिस ने तीनों आरोपी अंकुर वर्मा, शमीम और अजय रावत को शनिवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से वे जेल भेजे गए। वारदात के बाद पुलिस ने सिर्फ हत्या की धारा में केस दर्ज किया था। आरोपियों ने दूसरे के लाइसेंसी असलहे का वारदात में इस्तेमाल किया इसलिए कोर्ट में पेश करने से पहले उनपर आर्म्स एक्ट 3/27 भी लगाया गया। सूत्रों के मुताबिक पुलिस विकास किशोर समेत अन्य कई लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जिस किसी के खिलाफ सुबूत मिलेंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी।