भाजपा की शनिवार को यहां चुनाव के सिलसिले में हुई बैठक में नेताओं को जिलों से आए लोगों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा।
कार्यकर्ताओं ने नेताओं से कहा कि दागियों और दलबदलुओं को टिकट न दें। इसका ध्यान न रखा गया तो लोकसभा चुनाव में पार्टी का बुरा हाल हो सकता है।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी अमित शाह और प्रदेश के पूर्व संगठन महामंत्री हृदयनाथ सिंह ने बूथों पर अपेक्षा के अनुरूप काम न होने पर चिंता जताई। निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर बूथों पर चुनाव के लिहाज से तैयारी कर ली जाए।
जिलों से आए लोगों ने बैठक शुरू होने के साथ ही दलबदलुओं व दागियों को पार्टी में तेजी से जगह देने पर नाखुशी जताई।
कहा कि माहौल भाजपा के पक्ष में है, पर विधानसभा चुनाव की तरह बाबूसिंह कुशवाहा जैसे चेहरों को पार्टी में शामिल करने की कोशिश की गई तो नतीजे अच्छे नहीं रहेंगे।
शाह ने पूछा-आप ही बताएं कैसे दें टिकट
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि टिकट देने में कार्यकर्ताओं की राय भी ली जानी चाहिए। इस पर शाह ने उनसे ही टिकट देने का तरीका पूछा। लोगों ने तरह-तरह के सुझाव दिए।
शाह ने कहा कि उन्होंने सभी की बात सुन ली है। प्रत्याशी चयन में कार्यकर्ताओं की इच्छा का पूरा सम्मान किया जाएगा। साफ-सुथरी छवि के लोगों को ही उम्मीदवार बनाया जाएगा।
पार्टी में दागी या दलबदलू नेताओं को न लेने की मांग पर शाह ने कहा कि कार्यकर्ता किसी के पार्टी में आने पर आपत्ति न करें। पर, इतना तय है कि टिकट कार्यकर्ताओं की मर्जी के बिना नहीं दिया जाएगा।
अटल के जन्मदिन पर होंगे कार्यक्रम
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि पार्टी के खर्च के लिए धन एकत्र करने के काम को अब 31 मार्च तक बढ़ाने का फैसला किया गया है।
साथ ही भाजपा के शीर्ष नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस 25 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर समारोह होंगे। बैठक को प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक डॉ. रमापति राम त्रिपाठी ने भी संबोधित किया।