उन्होंने यह भी हिदायत दी कि पार्टी के मोर्चो की इकाइयों का गठन मंडलों तक और प्रकोष्ठों, प्रकल्पों और विभागों का गठन जिलों पर करने का काम भी जुलाई में ही निपटा लिया जाए। कहीं पदाधिकारी बदलना जरूरी हो तो उसे भी इसी महीने कर लें। साथ ही सभी इकाइयों के साथ बैठक कर हर स्तर पर संगठनात्मक ढांचे की पूरी समीक्षा की जाए।
उन्होंने जिलों में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों में परस्पर समन्वय की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सरकार के काम में संगठन के लोगों की भागीदारी दिखे तो संगठन के काम में सरकार में बैठे लोगों की सक्रियता दिखाई देनी चाहिए।